अमेरिका और ईरान के बीच गहराते संघर्ष के बीच लाल सागर के बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandeb Strait) में यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा एक मालवाहक जहाज पर किए गए घातक मिसाइल हमले ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। खाद्य सामग्री और वाणिज्यिक सामान ले जा रहे जहाज पर हुए इस हमले में छह लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने मध्य पूर्व में समुद्री व्यापार मार्ग (Shipping Route) को अत्यधिक संवेदनशील और जोखिम भरा बना दिया है।
घरेलू एलपीजी अंडर-रिकवरी घटकर ₹188 हुई
वैश्विक अनिश्चितताओं और सप्लाई चेन में व्यवधान के बावजूद, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का घरेलू रसोई गैस पर होने वाला रेवेन्यू लॉस (Under-Recovery) काफी कम हुआ है।
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घाटे में कमी: संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर कंपनियों को होने वाला प्रति-सिलेंडर घाटा जुलाई में ₹500 था, जो अगस्त 2026 में घटकर ₹188 प्रति सिलेंडर रह गया है। (जून में यह आंकड़ा ₹700 से अधिक था)।
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कमर्शियल सिलेंडरों की दरें: अगस्त की शुरुआत में 19 किग्रा वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹200 से अधिक की बड़ी कटौती की गई थी, जिससे त्योहारी सीजन से पहले रेस्तरां और होटल उद्योग को राहत मिली।
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सुरक्षित आपूर्ति का प्रयास: राज्य मंत्री सुरेश गोपी के अनुसार, सरकार ने तेल कंपनियों को सब्सिडी भरपाई के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता जारी की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के बावजूद घरेलू कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
पीएनजी (PNG) की ओर झुकाव
मध्य पूर्व के मौजूदा तनाव के कारण तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात पर संभावित असर को देखते हुए, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ता अब पाइप के जरिए मिलने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की ओर रुख कर रहे हैं। घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन बढ़ने से भारत की एलपीजी आयात पर निर्भरता में भी कमी दर्ज की गई है।