बनारस न्यूज डेस्क: पुलिस कमिश्नरेट की प्रतिबिंब सेल ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और नया कार्ड जारी करने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बलिया के अनीश वर्मा और झारखंड के देवघर निवासी पुरुषोतम कुमार व टुनटुन कुमार पंडित को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, करीब 200 एपीके फाइल और आईसीआईसीआई एडमिन, वर्चुअल कार्ड, आभा पे जैसे 9 संदिग्ध ऐप बरामद हुए हैं। गिरोह ने करीब 50 लाख रुपये की ठगी कबूल की है।
डीसीपी क्राइम आकाश पटेल के मुताबिक, साइबर सेल की प्रतिबिंब पोर्टल टीम को शिकायतों के आधार पर संदिग्ध नंबरों की एनालिसिस में अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी सारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा इलाके में किराए के मकान में रहकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। पूछताछ में जौनपुर निवासी जय प्रकाश यादव और आरिफ अंसारी फर्जी का नाम भी सामने आया, जो फर्जी सिम और कूटरचित मोबाइल एप उपलब्ध कराते थे। पुरुषोतम और टुनटुन पर पहले से लखनऊ और झारखंड में मुकदमे दर्ज हैं।
आरोपी फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को क्रेडिट कार्ड बनवाने या लिमिट बढ़ाने का झांसा देते थे। इच्छुक लोगों से पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल लेकर उन्हें आईसीआईसीआई बैंक के ऐप जैसा दिखने वाला फर्जी एपीके लिंक भेजते थे। एप इंस्टॉल होते ही पीड़ितों के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी और बैंकिंग सूचनाएं आरोपियों के ‘आईसीआईसीआई एडमिन’ एप पर पहुंच जाती थीं, जिसके जरिए वे ऑनलाइन शॉपिंग साइट और वॉलेट से रकम निकाल लेते थे।
प्रतिबिंब पोर्टल से मिले डिजिटल साक्ष्यों में कई राज्यों की शिकायतें और एफआईआर जुड़ी मिली हैं। व्हाट्सएप चैट में ठगी की रकम के लेनदेन के प्रमाण भी पाए गए हैं, जिन्हें सुरक्षित कर हैश वैल्यू जनरेट की गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान एपीके फाइल को इंस्टॉल न करें, ओटीपी या कार्ड डिटेल साझा न करें और साइबर अपराध की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर दें।