बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के पिंडरा थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में 26 अप्रैल की रात एक व्यवसायी की पीट-पीटकर हत्या (लिंचिंग) के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इस जघन्य अपराध में शामिल पांच फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। यह घटना तब हुई थी जब 36 वर्षीय व्यवसायी मनीष सिंह की कार सड़क किनारे बर्तन धो रही एक महिला से टकरा गई थी, जिसके बाद बेकाबू भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था।
मनीष सिंह अपनी फैक्ट्री से घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर महिला से जा टकराई। हादसे के बाद मनीष ने इंसानियत दिखाते हुए कार रोकी और महिला का हालचाल जानने के लिए बाहर निकले, लेकिन वहां मौजूद भीड़ ने उन पर बेरहमी से हमला कर दिया। डीसीपी गोमती जोन नीतू कादियान ने बताया कि इस मामले में अब तक चार आरोपियों—मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति और अभिषेक उर्फ बुद्धू—को मंगलवार तक गिरफ्तार किया जा चुका है।
फरार चल रहे अन्य पांच आरोपियों, जिनमें आशीष राजभर, मनीष राजभर, दीपक राजभर, गोविंद राजभर और नागेंद्र राजभर शामिल हैं, की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है और कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
इस बीच, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने मृतक मनीष के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से पीड़ित परिवार के लिए 2 करोड़ रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इस दुखद घटना ने इलाके में तनाव और शोक का माहौल पैदा कर दिया है, जिसे देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।