बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में पूजा कराने गए तांत्रिक अनीश उपाध्याय की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, यजमान और उसके साथियों ने अनीश को पत्नी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद पीटा और फिर स्क्रू ड्राइवर से हमला कर दिया। इसके बाद शव को कोलकाता-प्रयागराज हाईवे के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया। पहचान छिपाने के लिए शव को ईंट और लातों से भी कुचला गया था। बदबू आने पर स्थानीय लोगों की सूचना से पुलिस ने शव बरामद किया।
अनीश लालपुर-पाण्डेयपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे और पूजा-पाठ का काम करते थे। 30 जून को दो लोग उन्हें पूजा कराने के लिए अपने साथ ले गए थे, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटे। पत्नी प्रियंका उर्फ गुंजा के पूछने पर यजमान ने बताया था कि पूजा खत्म होने के बाद अनीश चले गए थे। करीब एक सप्ताह तक तलाश के बाद पत्नी ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। परिवार का आरोप है कि कई दिनों तक थाने और चौकी के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें अनीश का पता नहीं चल सका। बाद में हाथ पर बने टैटू के जरिए परिवार ने शव की पहचान की।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे अवैध संबंध, धन उगाही और मानसिक प्रताड़ना जैसे विवाद बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोनू को शक था कि अनीश ने उसकी पत्नी पर मोहिनी मंत्र का इस्तेमाल कर उसे सम्मोहित कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर यजमान तक पहुंच बनाई। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर घटना से जुड़ी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को छह आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए गैस सिलेंडर, म्यूजिक सिस्टम और अन्य सामान बरामद किए जाने की बात कही गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद बिसरा जांच के लिए भेज दिया है। अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच की जा रही है और बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।