बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी की एक अदालत ने गंगा में कथित रूप से इफ्तार पार्टी के बाद कचरा फेंकने के मामले में 14 मुस्लिम युवकों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 1 अप्रैल तक न्यायिक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। यह फैसला अमित यादव की अदालत में सुनवाई के बाद लिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि इन युवकों ने नाव पर इफ्तार पार्टी की और बचा हुआ खाना, बिरयानी और हड्डियां गंगा नदी में फेंक दीं। मामले की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने 19 मार्च से 1 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। हालांकि बचाव पक्ष के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत नहीं हैं।
अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि नाविकों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें कहा गया है कि आरोपी जबरन नाव पर चढ़े और उन्हें धमकाया। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 भी जोड़ी गई है, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। इस घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ कई अन्य धाराओं में भी केस दर्ज किया गया है।
यह मामला तब सामने आया जब रजत जायसवाल ने शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इफ्तार के दौरान युवकों ने पंचगंगा घाट के पास धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले कृत्य किए। विजय प्रताप सिंह के अनुसार, आरोपियों पर धार्मिक भावनाएं भड़काने, सार्वजनिक उपद्रव और प्रदूषण से जुड़े कई प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अगली सुनवाई 23 मार्च को निर्धारित की गई है।