बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में क्रिकेट मैच के बाद हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एम.एस. क्रिकेट एकेडमी, रिंग रोड चांदमारी में अधिवक्ताओं के साथ कथित तौर पर मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई है। आरोप है कि मैच समाप्त होने के बाद स्टेडियम की लाइटें बंद कर दी गईं और मुख्य गेट लॉक कर अंदर मौजूद लोगों पर हमला किया गया। इस हमले में करीब आधा दर्जन अधिवक्ता घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर होने पर उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।
बसनी, बड़ागांव निवासी चंद्रेश कुमार सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रात करीब 10:30 बजे मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ी और अधिवक्ता अपना सामान समेट रहे थे। इसी दौरान मैदान की लाइट अचानक बंद कर दी गई। विरोध करने पर वहां मौजूद कर्मचारी ने अभद्रता की और अपने मालिक सहर्ष प्रताप सिंह उर्फ गोलू को बुलाया। आरोप है कि सहर्ष प्रताप सिंह अपने साथियों मयंक सिंह मोन, राजदीप कुमार उर्फ राजीव कुमार, वेद प्रकाश मिश्रा सहित अन्य लोगों के साथ दो चारपहिया वाहनों से मौके पर पहुंचा और गेट बंद करा दिया।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद हमलावरों ने हॉकी, डंडे, रॉड और लाठियों से अधिवक्ताओं पर हमला कर दिया। राहुल सिंह और सौरभ सिंह यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि एक अधिवक्ता के मुंह में पिस्टल डालकर उसे पीटा गया और उसके गले से करीब पांच तोले की सोने की चेन व मोबाइल छीन लिया गया। अन्य लोगों से भी नकदी, मोबाइल और जेवर लूटने की बात सामने आई है।
घटना से नाराज सैकड़ों अधिवक्ता लालपुर थाने पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। पुलिस द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। सेंट्रल बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दीपक राय कान्हा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।