बनारस न्यूज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की अपील के बाद वाराणसी नगर निगम ने एक बड़ा निर्णय लिया है। नगर निगम प्रशासन ने अब प्रत्येक शनिवार को ‘नो फ्यूल डे’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। यह फैसला निगम मुख्यालय में आयोजित विशेष बैठक में लिया गया।
नई व्यवस्था के तहत नगर निगम के जनप्रतिनिधि शनिवार को पेट्रोल या डीजल से चलने वाले निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे। इस दिन पार्षद और अधिकारी निगम कार्यालय आने-जाने के लिए पैदल, साइकिल, सार्वजनिक परिवहन या इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करेंगे। इस पहल का उद्देश्य ईंधन बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने स्वयं इस अभियान में उदाहरण पेश करते हुए घोषणा की कि वह हर शनिवार अपने आवास से नगर निगम कार्यालय तक पैदल जाएंगे। उनके इस फैसले की बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने सराहना की और इसे राष्ट्रहित में उठाया गया प्रेरणादायक कदम बताया।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल निजी और प्रशासनिक उपयोग वाले वाहनों पर लागू होगा। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां, जलकल विभाग के वाहन और अन्य जरूरी सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।