बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार और आधुनिकीकरण परियोजना के तहत मंगलवार देर रात प्रशासन और रेलवे ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान स्टेशन के आसपास रेलवे भूमि पर बने कई चिन्हित ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई की शुरुआत आदमपुर क्षेत्र में राजघाट पुलिस चौकी के पास स्थित एक हनुमान मंदिर को हटाने से हुई, जिसके बाद अजगैब शहीद मस्जिद और कब्रिस्तान से जुड़े कुछ निर्माणों पर भी बुलडोजर चलाया गया।
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस, पीएसी और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान बड़ी संख्या में मौके पर तैनात रहे। लगभग एक किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा घेरा बनाया गया और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मीडिया की आवाजाही पर भी नियंत्रण रखा गया। अधिकारियों ने कार्रवाई को लेकर तत्काल कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया।
जानकारी के मुताबिक काशी रेलवे स्टेशन को करीब 336 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मल्टी-मॉडल इंटर मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत लगभग 47.26 एकड़ क्षेत्र में विकास कार्य प्रस्तावित है। परियोजना का उद्देश्य रेल, बस और जल परिवहन को एक मंच पर लाकर यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इस क्षेत्र की कुछ जमीनों को लेकर रेलवे और स्थानीय पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद भी चला आ रहा था।
परियोजना पूरी होने के बाद काशी रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां अत्याधुनिक टिकटिंग सिस्टम, फूड प्लाजा, रिटायरिंग रूम, अंडरग्राउंड सुविधाएं और बेहतर यात्री सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही स्टेशन को गंगा तट स्थित नमो घाट और अन्य घाटों से जल परिवहन के जरिए भी जोड़ा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकेंगी।