बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत रविवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने दूसरी बार ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। इस दौरान अवैध घोषित 14 भवनों को गिराया गया, जबकि पहले से अधिग्रहित और रजिस्ट्री कराए गए कई भवनों के शेष हिस्सों को भी ध्वस्त किया गया। अभियान के दौरान कुछ भवन स्वामियों ने विरोध जताया और अधिकारियों के साथ उनकी नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी।
दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के लिए अब तक 120 से अधिक भवनों को हटाया जा चुका है। इनमें रजिस्ट्री कराए गए भवनों के साथ-साथ नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित और वीडीए द्वारा अवैध घोषित भवन भी शामिल हैं। रविवार के अभियान में 100 से अधिक श्रमिकों को लगाया गया, जिन्होंने पूरे दिन ध्वस्तीकरण कार्य को अंजाम दिया।
अभियान के दौरान एडीएम सिटी राजेश कुमार, वीडीए सचिव डॉ. वेदप्रकाश मिश्र, एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सिविल पुलिस, पीएसी और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। साथ ही ड्रोन कैमरों से निगरानी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लगातार मुनादी कराई गई।
दालमंडी परियोजना के अंतर्गत कुल 184 भवन प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें से 83 भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और संबंधित भवन स्वामियों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। करीब 221 करोड़ रुपये की लागत से 650 मीटर लंबी सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है। वहीं, परियोजना की जद में आने वाली छह मस्जिदों को लेकर जिला प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन समितियों के बीच बातचीत जारी है और प्रशासन को जल्द सकारात्मक समाधान की उम्मीद है।