ग्लासगो में आयोजित 23वें राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games 2026) में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी है। शनिवार को भारत की 22 वर्षीय युवा स्टार मुक्केबाज प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किग्रा (बैंटमवेट) भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। राष्ट्रमंडल खेलों में डेब्यू कर रहीं प्रीति का यह पहला गोल्ड मेडल है, जिसके साथ ही भारत के लिए मुक्केबाजी रिंग से पहला स्वर्ण पदक भी दर्ज हो गया।
वर्ल्ड नंबर-3 मुक्केबाज प्रीति पवार ने फाइनल मुकाबले के तीनों राउंड में शुरुआत से ही आक्रामक और नियंत्रित खेल का प्रदर्शन किया। कनाडाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ प्रीति के सटीक पंचेज, फुटवर्क और काउंटर-अटैकिंग रणनीति के आगे डेलगाडो को वापसी का कोई मौका नहीं मिला। पांचों जजों ने सर्वसम्मति से तीनों राउंड में 10-9 के स्कोर के साथ निर्णय प्रीति के पक्ष में सुनाया। इस स्वर्णिम सफर के दौरान प्रीति ने शुरुआती दौर में मलावी की एथलीट को नॉकआउट किया, जबकि उत्तरी आयरलैंड और जाम्बिया की मुक्केबाजों को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
प्रीति पवार की इस स्वर्णिम सफलता के तुरंत बाद जैसमीन लंबोडिया ने भी 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतकर भारत की झोली में 7वां स्वर्ण डाल दिया। 2022 एशियाई खेलों में कांस्य पदक और हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में स्वर्ण जीत चुकीं प्रीति की इस सफलता से भारत की पदक तालिका में स्थिति काफी मजबूत हुई है। भारतीय मुक्केबाजी दल के 14 में से 10 खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाकर रिंग में भारत के वर्चस्व को साबित कर दिया है।