बनारस न्यूज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर से शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बुधवार को नई दिल्ली से वर्चुअली काशी के लोगों को संबोधित किया। श्री विनायक मंदिर में पूजा के बाद हुए इस संबोधन में उन्होंने विकसित भारत 2047 के अपने विजन के साथ इसे हासिल करने के तरीके भी बताए। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सभागार में गुजरात के वडनगर से पहुंचे करीब 500 सेवा यात्री और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। पीएम ने युवाओं और जेन जी को आगे बढ़ने का मंत्र देते हुए ‘वी विल डू इट’ कहा, जिसे वहां मौजूद युवाओं ने ‘मोदी-मोदी’ के नारों के साथ दोहराया।
पीएम मोदी ने करीब एक घंटे तीन मिनट के संबोधन की शुरुआत सुबह 10:27 बजे की। उन्होंने अपने 25 साल के सार्वजनिक जीवन, गुजरात मॉडल, भारत की विरासत और देश को एकजुट रखने की जरूरत का जिक्र करते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए 140 करोड़ देशवासियों के साथ की बात कही। उन्होंने बताया कि जब 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने नहीं सोचा था कि एक दिन देश की सरकार का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा, एनडीए के सहयोगी दलों और जनता के प्यार ने उन्हें यह मुकाम दिया। पीएम ने यह भी कहा कि विनायक मंदिर में उन्होंने देश के लिए प्रार्थना करने के साथ अपने लिए भी इतनी शक्ति मांगी कि वह लोगों की सेवा कर सकें।
अपने संबोधन में पीएम ने वडनगर के स्कूल के दिनों को भी याद किया और बताया कि वह कभी स्कूल जाने में देर नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि उस समय सीखा अनुशासन और नियमितता आज भी उनके जीवन का हिस्सा है। अपने सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने आलोचकों और विरोध करने वालों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि जीत ने उन्हें विनम्र रहना सिखाया, मुश्किलों ने खड़े होना, शुभचिंतकों ने प्रोत्साहन दिया तो आलोचकों ने खुद के भीतर झांकना सिखाया। पीएम ने अपने 25 साल के सफर को धैर्य की परीक्षा बताते हुए कहा कि इस यात्रा ने जिम्मेदारी का एहसास बढ़ाया और बड़े संकल्पों की ओर बढ़ने का हौसला दिया।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी पीएम का स्वागत किया और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल का जिक्र किया। इससे पहले वडनगर से आए सेवा यात्रियों में से 25 लोगों को सम्मानित किया गया। इनमें ध्रुविन पटेल, आकाश तदवी, विपिन तलाविया, नितिन सिंह बरड, मौलिक देसाई, हर्ष पंड्या, राजेश कुमार चौधरी, डॉ. चिंतन चौधरी, श्रेयष पटेल, सनी शाह, डॉ. यश पटेल, दीक्षित चौधरी, अजय राज सिंह जडेजा, निकुंजभाई ठाकोर और कुलदीप बारोट समेत अन्य लोग शामिल रहे। पीएम ने अपने संबोधन में वेद से लेकर स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उल्लेख किया और कहा कि सनातन भारत ने दुनिया को मानवता का भरोसा दिया है।