बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर सोमवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी दोस्त विंध्याचल धाम में दर्शन करने के बाद काशी लौट रहे थे। सुबह करीब 6 बजे उन्होंने मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के रूपापुर गांव के पास ओवरब्रिज पर अपनी स्कॉर्पियो रोक दी और बाहर निकलकर तस्वीरें लेने लगे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार ट्रक आया और स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कॉर्पियो का आधा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और गाड़ी करीब 30 से 40 मीटर तक घिसटती चली गई।
हादसे में आनंद यादव (25), आलोक मिश्रा (30), प्रदीप सिंह (36) और विद्वांशु यादव (30) की मौत हो गई। वहीं सावन यादव (26), किशन यादव (35), राजकुमार यादव (35) और निखिल (32) गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। हादसा जिला मुख्यालय से करीब 27 किलोमीटर दूर हुआ। पुलिस के मुताबिक, टक्कर के बाद ट्रक चार लोगों को कुचलता हुआ निकल गया, जबकि बाकी चार दोस्त भी उसकी चपेट में आकर घायल हो गए। घटनास्थल पर तीन दोस्तों के शव ओवरब्रिज पर मिले, जबकि एक का शव पुल के करीब 30 फीट नीचे पड़ा था।
हादसे से कुछ मिनट पहले की एक तस्वीर भी सामने आई है। इसमें सभी दोस्त स्कॉर्पियो (नंबर यूपी 65 ईबी 2199) के आगे खड़े नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह उनकी आखिरी तस्वीर थी। पुलिस के मुताबिक, ट्रक भी प्रयागराज से वाराणसी की ओर आ रहा था और उसकी रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा थी। ओवरब्रिज पर अचानक खड़ी स्कॉर्पियो को देखकर चालक गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख पाया। टक्कर के बाद वह करीब 200 मीटर आगे ट्रक छोड़कर फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी तलाश कर रही है। स्कॉर्पियो के अंदर से प्रसाद के डिब्बे, नारियल और चुनरी भी मिली है।
निखिल के जन्मदिन पर विंध्याचल गए थे सभी दोस्त
निखिल के जन्मदिन के मौके पर सभी दोस्त विंध्याचल धाम में दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद उन्होंने साथ में तस्वीरें भी खिंचवाई थीं। सामने आई तस्वीर में सात दोस्त दिखाई दे रहे हैं, जबकि आठवां दोस्त उनकी फोटो ले रहा था। लौटते समय हुए हादसे ने पूरे परिवार और दोस्तों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
किसी की नौकरी लगने वाली थी, तो कोई परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था
आलोक मिश्रा वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र के पिसौर गांव के रहने वाले थे। उनके पिता अजय किसान हैं और मां उर्मिला गृहिणी हैं। तीन भाई-बहनों में आलोक दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की थी और पिता के मुताबिक, पांच दिन बाद उन्हें जियो कंपनी में नौकरी जॉइन करनी थी।
विद्वांशु यादव शिवपुर की वीडीए कॉलोनी में रहते थे और ठेकेदारी का काम करते थे। तीन भाइयों में वह दूसरे नंबर पर थे। पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी भी वही संभाल रहे थे। उनकी मां मृदुला देवी घर पर रहती हैं। वहीं, प्रदीप सिंह चोलापुर के रहने वाले थे और ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में मैनेजर के पद पर काम करते थे। उनके एक बेटा है। प्रदीप की मौत की खबर मिलने के बाद उनकी पत्नी सोना का रो-रोकर बुरा हाल है। आनंद यादव शिवपुर के रहने वाले थे।
पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे चंदौली सांसद
चारों दोस्तों की मौत की खबर मिलने के बाद चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और परिवारों को सांत्वना दी। वहां 200 से ज्यादा लोग जुटे थे। इससे पहले समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। मिर्जामुराद थाना प्रभारी गोपालजी कुशवाह के मुताबिक, स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि कार सवार ओवरब्रिज पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। हालांकि, हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।