बनारस न्यूज डेस्क: काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। शनिवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 63.36 मीटर दर्ज किया गया और पानी करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण 84 घाटों के बीच संपर्क टूट गया है और कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। हालांकि अभी शहर में बाढ़ की स्थिति गंभीर नहीं है, लेकिन अगले 48 घंटे तक जलस्तर बढ़ने का अनुमान है।
गंगा का पानी बढ़ने से मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए उपलब्ध जगह भी कम होती जा रही है। सीमित स्थान में अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। वहीं तुलसी घाट समेत कई घाटों पर पानी सीढ़ियों तक पहुंच गया है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सावन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने कई जगह बैरिकेडिंग की है और जल पुलिस की तैनाती भी बढ़ाई गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, प्रयागराज की ओर से आने वाले पानी के साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की नदियों का पानी भी गंगा में पहुंच रहा है। इससे वाराणसी में जलस्तर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटे में रुक-रुककर बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए राहत कैंपों की क्षमता बढ़ाने और अतिरिक्त स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।