बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी से तटीय इलाकों में स्थिति चिंताजनक हो गई है। भारी बारिश के चलते नदी का जलस्तर लगभग 50 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण प्रमुख घाटों के बीच का संपर्क पूरी तरह टूट गया है, और हरिश्चंद्र घाट तथा मणिकर्णिका घाट के जलमग्न होने से दाह संस्कार का काम छतों व ऊंचे स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा है।
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, गंगा का जलस्तर बढ़कर 67.68 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी के निशान (71.26 मीटर) से लगभग 3.58 मीटर नीचे है। हालांकि, अगर जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो अगले दो से तीन दिनों में नदी खतरे के निशान को छू सकती है। बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और पर्यटकों तथा स्थानीय नागरिकों को घाटों के करीब न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
जलस्तर बढ़ने की दर: लगभग 50 मिमी प्रति घंटा।
वर्तमान जलस्तर: 67.68 मीटर (खतरे का निशान: 71.26 मीटर)।
प्रभावित क्षेत्र: मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट समेत कई प्रमुख गंगा आरती स्थल जलमग्न; दाह संस्कार का कार्य छतों पर शिफ्ट।
प्रशासनिक कदम: तटीय और निचले इलाकों में निगरानी तेज, लोगों से सतर्क रहने की अपील।