बनारस न्यूज डेस्क: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने रमज़ान से एक दिन पहले Varanasi के चेतगंज इलाके में लगने वाले बकरी बाजार में प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि काशी विश्वनाथ टेंपल के आसपास अवैध पशु वध हो रहा है। हालांकि स्थानीय आयोजकों और पुलिस ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
बाजार के आयोजक मोहम्मद नदीम ने कहा कि यह एक मौसमी बकरी बाजार है, जहां केवल जिंदा जानवरों की खरीद-फरोख्त होती है, न तो वहां कोई स्लॉटर हाउस है और न ही मांस की बिक्री। पुलिस के अनुसार इस बाजार को नगर निगम से अनुमति प्राप्त है और नियमों के तहत मंदिर से दो किलोमीटर के दायरे में पशु वध या मांस बिक्री प्रतिबंधित है। जांच में किसी अवैध गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई।
मंगलवार को एबीवीपी के दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने बाजार स्थल पर दिनभर विरोध प्रदर्शन किया और कथित रूप से स्थानीय लोगों से तीखी बहस की। चेतगंज थाने में शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ अवैध बकरी वध बाजार चलाने का केस दर्ज किया गया, लेकिन बाद में जांच में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस गौरव बंसवाल ने कहा कि बाजार पुराना और वैध है तथा आरोप गलत पाए गए।
इसी बीच शाहजहांपुर जिले में प्रशासन ने करीब 300 बीघा वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार वर्षों से खेती के लिए इस्तेमाल की जा रही वन भूमि को खाली कराया गया और खड़ी फसलों को जोत दिया गया। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।