बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार को रनवे की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। रनवे पर गिट्टियां और कीचड़ फैला होने के बावजूद करीब एक घंटे तक विमानों की आवाजाही जारी रही। गिट्टियों के कारण रनवे के किनारे बनी पीली स्ट्रिप भी कुछ हिस्सों में दिखाई नहीं दे रही थी।
दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली से पहुंची एयर एंबुलेंस के पायलट ने रनवे पर गिट्टियां पड़े होने की जानकारी एयरपोर्ट प्रशासन को दी थी। इसके बावजूद करीब एक घंटे बाद दिल्ली से आने वाले इंडिगो के विमान 6ई-5025 को लैंडिंग की अनुमति दे दी गई।
रनवे पर गिट्टियां देखकर इंडिगो के पायलट ने एटीसी को इसकी जानकारी दी और लैंडिंग से इनकार कर दिया। सुरक्षा को देखते हुए विमान को अयोध्या डायवर्ट कर दिया गया। इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने रनवे बंद कर सफाई और जरूरी मेंटेनेंस का काम शुरू कराया।
बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट के रनवे विस्तार का काम आगरा की कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक कर रही है। रात में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान निर्माण सामग्री लेकर आने-जाने वाले डंपरों से गिट्टियां रनवे तक पहुंच गई थीं। बारिश के कारण डंपरों के पहियों से कीचड़ भी रनवे पर फैल गया था।
हैरानी की बात यह है कि सुबह से इस रनवे पर सात विमानों की लैंडिंग और इतनी ही उड़ानों का टेकऑफ हो चुका था। समय रहते इंडिगो के पायलट ने खतरे को पहचान लिया, जिससे किसी संभावित हादसे को टाला जा सका।
रनवे बंद होने के बाद करीब तीन घंटे तक विमान संचालन प्रभावित रहा। शाम 4:05 बजे सफाई और जरूरी काम पूरा होने के बाद दोबारा उड़ान संचालन शुरू हुआ। अयोध्या से आया इंडिगो का विमान सबसे पहले वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरा।
तीन उड़ानें डायवर्ट, एक कैंसिल
रनवे बंद रहने के दौरान नवी मुंबई और अहमदाबाद से आने वाली दो उड़ानों को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा। वहीं गाजियाबाद से आने वाली एक उड़ान रद्द कर दी गई। मुंबई से अकासा एयर और दिल्ली से इंडिगो की एक अन्य उड़ान भी करीब एक घंटे देरी से चली। डायवर्जन और देरी के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई और एयरपोर्ट पर एयरलाइंस के काउंटरों पर भीड़ लग गई।
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि इंडिगो के पायलट ने रनवे पर एफओडी यानी फॉरेन ऑब्जेक्ट डेब्रिस की सूचना दी थी। यात्रियों और विमानों की सुरक्षा को देखते हुए विमान को अयोध्या भेजा गया और रनवे को बंद कर सफाई कराई गई। मामले के बाद रनवे की सुरक्षा और निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।