आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न केवल नौकरियों के परिदृश्य को बदल रहा है, बल्कि इस बड़े बदलाव में महिलाएं सबसे बड़ी विजेता बनकर उभर रही हैं। एडटेक और लर्निंग प्लेटफॉर्म 'स्केलर' (Scaler) द्वारा जारी 'इंडिया एआई वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026' में यह बात सामने आई है कि जो महिलाएं एआई से जुड़े करियर को अपना रही हैं, उनकी सैलरी में औसतन 145 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है।
यह अध्ययन भारत भर के 11,444 कामकाजी पेशेवरों के डेटा पर आधारित है। रिपोर्ट इस बात की ओर इशारा करती है कि एआई अब केवल सॉफ्टवेयर इंजीनियरों तक सीमित कोई विशेष तकनीकी हुनर नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे वर्कफोर्स (कार्यबल) की एक बड़ी क्षमता बनता जा रहा है।
रिपोर्ट की मुख्य बातें:
- गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि (Non-Tech Background) का बढ़ता रुझान: रिपोर्ट के अनुसार, एआई सीखने वाले लगभग 25 प्रतिशत पेशेवर ऐसे हैं जिनकी बैकग्राउंड टेक्निकल या इंजीनियरिंग की नहीं है।
- पारंपरिक इंजीनियरिंग से आगे: लगभग 50 प्रतिशत एआई-सक्षम नौकरियां अब केवल ट्रेडिशनल कोडिंग या इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं हैं। यह तकनीक अब लीडरशिप, कंसल्टिंग, एचआर (HR), मार्केटिंग, फाइनेंस और शिक्षण (Academia) जैसे क्षेत्रों में तेजी से पैर पसार रही है।
- QA इंजीनियर्स को सबसे बड़ा फायदा: महिला पेशेवरों में, क्वालिटी एश्योरेंस (QA) इंजीनियरों को एआई स्किल्स सीखने (Upskilling) के बाद सबसे ज्यादा फायदा हुआ। उनकी सैलरी में 574 प्रतिशत तक की रेकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- अनुभवी और शुरुआती दोनों को लाभ: करियर के शुरुआती दौर वाले युवाओं को तो फायदा हुआ ही है, साथ ही अनुभवी प्रोफेशनल्स को भी उच्च पदों और बेहतर सैलरी पैकेज पर जाने में मदद मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, वीपी (VP), सीएक्सओ (CXO) और इंजीनियरिंग लीडर्स को अपस्किलिंग के बाद औसतन 33 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिल रहा है।
छोटे शहरों (Tier-II) में भी बढ़ा क्रेज
भारत में एआई का दायरा अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एआई सीखने वाले लगभग हर 5 में से 1 पेशेवर (लगभग 20%) लखनऊ, पटना, कोयंबटूर, जयपुर, इंदौर और नागपुर जैसे टियर-2 शहरों से आ रहे हैं।
हालांकि, बड़े महानगर अभी भी एआई टैलेंट के मुख्य केंद्र बने हुए हैं, जिनमें बेंगलुरु 19 प्रतिशत शिक्षार्थियों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पुणे, हैदराबाद, मुंबई और चेन्नई का नंबर आता है।
नौकरी छीनने वाली नहीं, अवसर पैदा करने वाली तकनीक
स्केलर (Scaler) के सह-संस्थापक अभिमन्यु सक्सेना ने रिपोर्ट के निष्कर्षों पर बात करते हुए कहा:
"जब दुनिया भर में अधिकांश बातचीत इस बात पर केंद्रित है कि एआई नौकरियां छीन लेगा, तब हमारे आंकड़े एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। जो लोग एआई स्किल्स को अपना रहे हैं, उनके लिए यह तकनीक करियर को रफ्तार देने और बेहतर सैलरी पैकेज दिलाने का जरिया बन रही है। भारत में एआई टैलेंट की यह कहानी हर साल अधिक समावेशी (inclusive) और प्रभावशाली होती जा रही है।