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इंटरनेट के इतिहास में पहली बार: इंसानों से ज़्यादा हुई AI बॉट्स की आबादी, क्लाउडफ्लेयर के CEO का बड़ा दावा

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Posted On:Tuesday, June 9, 2026


इंटरनेट की दुनिया में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। वेब इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड सर्विसेज देने वाली दिग्गज कंपनी क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare) के आंकड़ों के मुताबिक, इंटरनेट पर अब इंसानी एक्टिविटी (Human Traffic) के मुकाबले बॉट्स का ट्रैफ़िक (Bot Traffic) कहीं ज़्यादा हो गया है। इंटरनेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब मशीनी बॉट्स ने इंसानों को पीछे छोड़ दिया है।
क्लाउडफ्लेयर के सह-संस्थापक और सीईओ मैथ्यू प्रिंस (Matthew Prince) ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी पुष्टि की है।
उम्मीद से कहीं पहले आ गया यह बदलाव
मैथ्यू प्रिंस ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि यह बदलाव साल 2027 के अंत या शुरुआत तक देखने को मिलेगा, लेकिन एआई एजेंट्स (AI Agents) की रफ्तार इतनी तेज़ रही कि यह मुकाम उम्मीद से बहुत पहले हासिल हो गया।
उन्होंने 3 जून को X पर पोस्ट करते हुए लिखा:
"यह मेरी भविष्यवाणी से कहीं ज़्यादा तेज़ी से हुआ। मुझे लगा था कि ऐसा 2027 के आखिर में होगा, लेकिन एजेंटिक ट्रैफ़िक (AI एजेंट्स का ट्रैफ़िक) इतनी तेज़ी से बढ़ रहा है कि इंटरनेट के इतिहास में पहली बार बॉट्स ने इंसानी ट्रैफ़िक को पीछे छोड़ दिया है।"
क्या कहते हैं आंकड़े?
क्लाउडफ्लेयर की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट के कुल ट्रैफ़िक में बॉट्स की हिस्सेदारी बढ़कर 57.5 प्रतिशत हो गई है, जबकि इंसानों का ट्रैफ़िक घटकर महज़ 42.5 प्रतिशत रह गया है।
हालाँकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह माप केवल 'HTTP रिक्वेस्ट' (पेज लोड करने की रिक्वेस्ट) के आधार पर है। अगर ऐप यूज़ेज, वीडियो स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया फीड्स स्क्रॉल करने में बिताए गए 'कुल समय' की बात करें, तो अब भी इंसान ही इंटरनेट के सबसे बड़े उपभोक्ता हैं।
ये कोई साधारण बॉट्स नहीं हैं
रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट पर अचानक बढ़े इस ट्रैफ़िक के पीछे कोई वायरस या पुराने ज़माने के सर्च इंजन क्रॉलर्स नहीं हैं, बल्कि ये नए ज़माने के स्वायत्त एआई एजेंट्स (Autonomous AI Agents) हैं। जेनेरेटिव एआई (जैसे ChatGPT, Gemini आदि) के आने के बाद इनकी संख्या में भारी उछाल आया है।
ये एआई बॉट्स इंसानों की तरफ से इंटरनेट पर जटिल काम कर रहे हैं, जैसे:

  • अलग-अलग वेबसाइट्स पर जाकर प्रोडक्ट्स की जानकारी जुटाना।
  • होटलों और फ्लाइट्स के किरायों की तुलना करना।
  • एआई मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए वेब कंटेंट को स्कैन करना।
  • इंसानों के पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर फूड ऑर्डर करना या कस्टमर सर्विस संभालना।
किस देश में है सबसे ज़्यादा बॉट ट्रैफ़िक?
क्लाउडफ्लेयर ने देशों के हिसाब से भी बॉट ट्रैफ़िक के आंकड़े जारी किए हैं:
  • जिब्राल्टर (Gibraltar): इस छोटे से द्वीप पर सबसे ज़्यादा 92.1% ट्रैफ़िक बॉट्स का है।
  • सिंगापुर और ईरान: दोनों देश 76.4% बॉट ट्रैफ़िक के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।
  • ईरान में बॉट ट्रैफ़िक अधिक होने की वजह वहाँ बड़े पैमाने पर वीपीएन (VPN) और ऑटोमेटेड डेटा स्क्रैपिंग टूल्स का इस्तेमाल होना बताया गया है।
इस बदलाव के साथ ही इंटरनेट का पूरा इकोसिस्टम बदल रहा है। अब तक इंटरनेट को इंसानी उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया जाता था, लेकिन अब इसका एक बड़ा हिस्सा एआई एजेंट्स के लिए काम कर रहा है।


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