ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले सप्ताह अमेरिका ने युद्ध के दौरान ईरान के केशम द्वीप के पास एक नागरिक ठिकाने को निशाना बनाया, जिसमें एक टैक्सी ड्राइवर और उसके परिवार के सदस्यों की मौत हो गई।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने चह-तंगू इलाके में 907 किलोग्राम वजन का बम गिराया। इस हमले में टैक्सी ड्राइवर, उसकी पत्नी और उनके एक बेटे की मौत होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद अमेरिकी सैन्य कमान सेंटकॉम (CENTCOM) ने इसकी जांच कराने की बात कही है।
टैक्सी ड्राइवर कैसर जाफरी के घर पर हमले का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, जिस घर को निशाना बनाया गया, वह केशम द्वीप निवासी कैसर जाफरी का था। बताया गया कि कैसर पेशे से टैक्सी ड्राइवर थे और हमले के समय अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे।
दावे के अनुसार, बम गिरने से घर पूरी तरह तबाह हो गया और परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई। इस घटना ने युद्ध के दौरान नागरिक इलाकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सेंटकॉम करेगा जांच
मामला सामने आने के बाद अमेरिकी सैन्य कमान ने जांच की बात कही है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सैन्य अभियानों में लक्ष्यों की पहचान और कार्रवाई तय प्रक्रियाओं के तहत की जाती है, लेकिन किसी भी संभावित गलती की समीक्षा की जाएगी।
युद्ध के दौरान किसी भी देश की सैन्य कार्रवाई में नागरिकों के हताहत होने के मामले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बनते हैं।
पहले भी लगे हैं नागरिक ठिकानों पर हमले के आरोप
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका पर ईरान में नागरिक इलाकों को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संघर्ष की शुरुआत में अमेरिका की ओर से ईरान के मिनाब स्कूल पर भी हमला किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई थी।
हालांकि, ऐसे मामलों में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग रहे हैं और घटनाओं की वास्तविक स्थिति की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।
युद्ध में बढ़ते मानवीय सवाल
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ मानवीय नुकसान भी एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। नागरिक क्षेत्रों में होने वाले हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार चिंता जताता रहा है।
केशम द्वीप की घटना की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हमला किस उद्देश्य से किया गया था और इसमें किसी तरह की गलती हुई या नहीं। फिलहाल यह मामला अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और युद्ध में नागरिक सुरक्षा को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।