गुजरात के गांधीनगर जिले में अवैध तरीके से विदेश जाने की प्रक्रिया, जिसे 'डंकी रूट' कहा जाता है, का एक और गंभीर और खतरनाक मामला सामने आया है। जिले के माणसा तहसील के एक गांव का चार सदस्यीय परिवार ऑस्ट्रेलिया पहुँचने की कोशिश में ईरान की राजधानी तेहरान में अपहृत कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने इस परिवार की रिहाई के बदले में 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। परिवार के अपहरण की खबर तब सार्वजनिक हुई जब अपहरणकर्ताओं ने बंधकों का एक खौफनाक वीडियो उनके रिश्तेदारों को भेजा और पैसों की मांग की। दहशत में आए परिवार ने तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया।
'डंकी रूट' का खतरनाक सफर
गांधीनगर के इस परिवार ने ऑस्ट्रेलिया पहुँचने के लिए जोखिम भरा 'डंकी रूट' अपनाया था। सूत्रों के अनुसार, परिवार पहले दिल्ली गया, फिर वहाँ से बैंकॉक और दुबई होते हुए अंत में ईरान की राजधानी तेहरान पहुँचा। इसी बीच, उन्हें बंधक बना लिया गया। 'डंकी रूट' के तहत, लोग अक्सर बिना वैध दस्तावेजों के या अवैध माध्यमों से एजेंटों की मदद से विभिन्न देशों से होकर अपनी अंतिम मंज़िल तक पहुँचने की कोशिश करते हैं, जो अक्सर मानव तस्करी और अपहरण जैसे गंभीर खतरों से भरा होता है।
गृह मंत्री अमित शाह के संसदीय क्षेत्र का मामला
अपहरण की खबर सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। गांव के सरपंच प्रकाश चौधरी ने बताया कि परिवार ने सबसे पहले स्थानीय पुलिस और विधायक से संपर्क किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, विधायक ने तुरंत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संपर्क साधा, क्योंकि यह क्षेत्र शाह का संसदीय क्षेत्र है। गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने पुष्टि की कि जैसे ही परिवार ने संपर्क किया, पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
विदेश मंत्रालय की मदद से सुरक्षित रिहाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने तुरंत भारतीय विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप, तेहरान में बंधक बनाए गए चारों सदस्यों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है। एसपी ने पुष्टि की है कि अपहृत किए गए चारों व्यक्ति अब सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुँच चुके हैं और जल्द ही अपने पैतृक गांव लौट रहे हैं। इस सफलता से परिवार और स्थानीय गांव वालों ने राहत की साँस ली है।
यह घटना एक बार फिर उन खतरों को रेखांकित करती है जो 'डंकी रूट' के माध्यम से विदेश जाने के इच्छुक लोगों को उठाने पड़ते हैं। नौकरी या बेहतर जीवन के लालच में, लोग अक्सर अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करों और अपहरणकर्ताओं के जाल में फंस जाते हैं, जिससे न केवल उनकी जान खतरे में पड़ती है, बल्कि उनके परिवार को भी बड़ी आर्थिक और भावनात्मक क्षति पहुँचती है।