'लॉक अप 2' से बाहर आने के बाद आकांक्षा चौधरी ने शो में बिताए अपने सफर को याद करते हुए कई दिलचस्प खुलासे किए। उन्होंने कहा, "यह मेरा पहला रियलिटी शो था और बचपन से मेरा सपना था कि मैं ऐसा शो करूं। बाहर से यह जितना आसान लगता है, अंदर जाकर उतना ही मुश्किल होता है। एक महीने तक सिर्फ तीन-चार कमरों में रहना आसान नहीं था। लेकिन मैंने जो रिश्ते बनाए, उन्होंने इस सफर को खास बना दिया। हालांकि जब सर्वाइवल टास्क आते थे, तब सारे रिश्ते पीछे छूट जाते थे। हर कोई सिर्फ अपना गेम बचाने में लग जाता था। यह पूरा सफर एक इमोशनल रोलरकोस्टर था।"
शो में लैला के साथ अपनी दोस्ती पर बात करते हुए आकांक्षा ने कहा, "जब मैं पहली बार 'लॉक अप' में गई, तो सबसे पहले मेरी बात लैला से हुई थी। उसकी एनर्जी मुझे बहुत अच्छी लगी। जयपुर और दिल्ली की वाइब काफी मिलती-जुलती है, इसलिए मैं उससे तुरंत कनेक्ट कर गई। मुझे शुरू से ही लगा था कि हमारी अच्छी दोस्ती होगी और वही हुआ।"
हालांकि, उन्होंने माना कि एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने जानबूझकर लैला से दूरी बना ली थी। आकांक्षा ने कहा, "लोग मुझसे कहते थे कि मैं लैला की परछाईं बन गई हूँ। मुझे यह भी लगने लगा था कि वह योगेश के ज्यादा करीब हो गई है। इसलिए मैंने सोचा कि मुझे थोड़ा पीछे हटना चाहिए। लेकिन सीक्रेट रूम वाले ट्विस्ट के बाद हमारी दोस्ती पहले से भी ज्यादा मजबूत हो गई। योगेश के जाने के बाद हम दोनों एक-दूसरे की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गए थे।"
योगेश और लैला की बॉन्डिंग पर भी आकांक्षा ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा, "जब भी योगेश और लैला साथ होते थे, उनकी अपनी अलग दुनिया होती थी। यह सिर्फ शो के लिए नहीं था, बल्कि उनका रिश्ता सच में बहुत मजबूत था। जब लैला ने योगेश का सीक्रेट छिपाया, तब योगेश को लगा कि उसने उसके लिए बहुत बड़ा काम किया है। तभी से वह चाहता था कि लैला जितना आगे जा सके, जाए। आखिर में हर किसी को अपना गेम खेलना था, लेकिन दोनों ने आखिरी तक एक-दूसरे का साथ निभाने की पूरी कोशिश की।"