दक्षिण-पूर्व एशिया के वर्षावनों (Rainforests) में यदि आपको हवा में लहराता एक खूबसूरत ऑर्किड फूल दिखाई दे, तो थोड़ा सावधान हो जाइए। संभव है कि वह कोई फूल नहीं, बल्कि 'ऑर्किड मैंटिस' (Hymenopus coronatus) नाम का एक चतुर शिकारी कीट हो।
यह कीट केवल फूल जैसा दिखता ही नहीं, बल्कि पूरी तरह फूल का रूप धारण कर लेता है। इसके फैले हुए पैर किसी फूल की पंखुड़ियों जैसे दिखाई देते हैं और हवा के साथ इसकी हल्की हलचल फूलों जैसी ही लगती है। इस भ्रम में आकर मधुमक्खियां और तितलियां इसके पास आ जाती हैं और यह पलक झपकते ही उन्हें अपना शिकार बना लेता है।
छद्मावरण और शिकार की अनूठी तकनीक (Aggressive Mimicry)
जीव विज्ञान में इसे 'एग्रेसिव मिमिक्री' (अक्रामक रूप बदलना) कहा जाता है। इसमें शिकारी जानवर खुद को नुकसान न पहुंचाने वाले जीव या वस्तु जैसा बनाकर शिकार को अपने करीब लाता है।
- रसायनिक धोखा: शुरुआती अवस्था (Juvenile stage) में यह कीट केवल रूप ही नहीं बदलता, बल्कि रसायनिक गंध भी छोड़ता है। कुछ छोटे मैंटिस मधुमक्खियों के फेरोमोन्स (Pheromones) की नकल करते हैं, जिससे आकर्षित होकर मधुमक्खियां सीधे इनके पास चली आती हैं।
- अचूक वार: यह कीट अपने शिकार का पीछा नहीं करता। यह किसी पौधे पर शांत बैठकर फूल की तरह हिलता रहता है और जैसे ही कोई कीट पास आता है, अपने सामने के कांटेदार पैरों से बिजली की गति से उसे दबोच लेता है।
जीवन चक्र और बदलाव
- शुरुआती जीवन: ऑर्किड मैंटिस का जीवन झागदार अंडों के थैले (Ootheca) से शुरू होता है। जन्म के समय इसका रंग लाल और काला होता है, जिससे यह बदबूदार कीट (Stink bug) जैसा दिखता है ताकि बड़े शिकारी पक्षी इसे न खाएं।
- वयस्क अवस्था: जैसे-जैसे यह बड़ा होता है और अपनी त्वचा (Molt) बदलता है, इसका रंग हल्का गुलाबी या सफेद हो जाता है और पैर पंखुड़ियों का आकार ले लेते हैं।
- नर और मादा में अंतर: इसमें मादा मैंटिस (6 से 7 सेमी) नर मैंटिस (2.5 सेमी) की तुलना में लगभग तीन गुना बड़ी होती है।
- रोचक तथ्य: वैज्ञानिकों के अनुसार, ऑर्किड मैंटिस किसी एक विशेष फूल की नकल करने के बजाय एक सामान्य फूल का रूप बनाते हैं। यह दृश्य परागण करने वाले कीटों (Pollinators) को असली फूलों से भी ज्यादा आकर्षित करता है।
अस्तित्व पर मंडराता खतरा
ऑर्किड मैंटिस का जीवनकाल औसतन एक वर्ष का होता है। पक्षी, चमगादड़ और बड़े कीट इनका शिकार करते हैं। इसके अलावा, जंगलों की कटाई (Habitat Loss) और अनोखे जीवों के शौकीनों द्वारा इनका अवैध व्यापार (Exotic Pet Trade) प्राकृतिक आवासों में इनकी संख्या के लिए खतरा बनता जा रहा है।