बनारस न्यूज डेस्क: सावन के पहले सोमवार पर वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठे। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में पहले ही दिन साढ़े पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए।
वाराणसी में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ मिलकर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय स्कूटी से श्री आनंदेश्वर मंदिर पहुंचीं और पूजा-अर्चना की। प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर सहित प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में भी दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
कांवड़ यात्रा के दौरान कई प्रेरणादायक और अनोखे दृश्य भी देखने को मिले। मुजफ्फरनगर में एक महिला श्रद्धालु ने जिला अस्पताल में जुड़वां बेटों को जन्म दिया, जिनका नाम एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने 'गणेश' और 'कार्तिकेय' रखा। वहीं, मेरठ के 65 वर्षीय हरपाल नाथ हरिद्वार से 33 लीटर गंगाजल लेकर घुटनों के बल यात्रा कर रहे हैं। दूसरी ओर, दिल्ली के हर्ष नोटों से सजी कांवड़ लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचे।
हालांकि, आस्था के इस पर्व के बीच कुछ हादसे भी सामने आए। लखनऊ में बाइक सवार कुछ युवकों ने एक स्कूल वैन में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस का कहना है कि कांवड़िए के भेष में आए युवकों की पहचान की जा रही है।
रायबरेली में तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से कांवड़ियों से भरे ऑटो-रिक्शा में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हरदोई में गंगाजल लेने गए तीन युवक नदी में बह गए, जिनमें एक को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो की तलाश जारी है।
सीतापुर में डीजे लगी पिकअप हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। हादसे में डीजे मालिक और चालक की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।