बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में सोने के सिक्कों और नकदी के कथित गबन के मामले में सिगरा पुलिस ने एक नामी आभूषण कंपनी के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 500 ग्राम सोने के सिक्कों और 7.65 लाख रुपये का हिसाब नहीं मिला। पुलिस ने तीनों को पूछताछ के लिए बुलाया था, जहां जांच में उनकी भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से 1,00,120 रुपये बरामद हुए हैं। वहीं, कंपनी के एरिया बिजनेस मैनेजर राजकुमार और कमर्शियल एग्जीक्यूटिव विशाल तिवारी की तलाश जारी है। इस मामले में 18 अगस्त को पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
ऑडिट में पकड़ी गई गड़बड़ी
सिगरा थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्र ने बताया कि नीचीबाग के रहने वाले रितेश कुमार काशी मधुरम ज्वेलरी दुकान के मालिक हैं। वह एक नामी आभूषण कंपनी की फ्रेंचाइजी के डेजिग्नेटेड पार्टनर भी हैं। कंपनी ने कारोबार के लिए फ्रेंचाइजी को सोने के सिक्के भेजे थे, जिन्हें एरिया बिजनेस मैनेजर राजकुमार ने रिसीव किया था। सोने के बदले रकम वापस नहीं मिलने पर 18 अगस्त को ऑडिट कराया गया। जांच के दौरान करीब 82 लाख रुपये के सोने के सिक्कों और 7.65 लाख रुपये की नकदी के गबन की बात सामने आई।
जवाब नहीं मिलने पर दर्ज कराई शिकायत
रितेश कुमार ने सोने और नकदी का हिसाब रखने वाले कर्मचारियों से जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मिथिलेश, विशाल तिवारी, रवि, राजकुमार और आशुतोष सिंह के खिलाफ सिगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच के बाद तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। बाकी दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सोने के सिक्कों और नकदी से जुड़ी कथित गड़बड़ी में किसकी क्या भूमिका थी।