बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नदी का पानी 68.74 मीटर तक पहुंच गया है और करीब 20 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। खतरे का निशान 71.26 मीटर है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं और सभी छोटे-बड़े नावों को घाटों पर खड़ा करा दिया गया है। सभी घाटों के बीच संपर्क भी काट दिया गया है।
पानी बढ़ने से घाटों और नदी किनारे के निचले इलाकों में हालात बिगड़ने लगे हैं। कई रास्ते और नदी किनारे के हिस्से पानी में डूब गए हैं। बढ़ते जलस्तर के कारण मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था ऊंचाई वाली जगह पर करनी पड़ी। वहीं गंगा आरती वाले स्थानों पर भी व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो गंगा जल्द खतरे के निशान तक पहुंच सकती है।
संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने राहत शिविर शुरू कर दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और पानी में जाने या डूबे हुए रास्तों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश जारी रहने पर हालात और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रख रही हैं।
गुरुवार को वाराणसी पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। पुलिस के मुताबिक राहत शिविरों में सुरक्षा के लिए महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी लगाने और 24 घंटे गश्त के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को राहत-बचाव में किसी तरह की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए। बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रखने और जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।