बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार करने और कथित रूप से हड्डियां नदी में फेंकने के मामले में गिरफ्तार 14 मुस्लिम युवकों को फिलहाल राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए मामले को गंभीर बताया है।
यह मामला 17 मार्च को दर्ज शिकायत के बाद सामने आया था। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी रजत जायसवाल ने आरोप लगाया था कि युवकों की इस हरकत से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित यादव ने स्पष्ट कहा कि आरोप गंभीर और गैर-जमानती हैं, इसलिए इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने, गंगा जल को प्रदूषित करने, सार्वजनिक शांति भंग करने और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। साथ ही आईटी एक्ट और जल प्रदूषण कानून के तहत भी कार्रवाई की गई है।
मामले में यह आरोप भी जोड़ा गया है कि युवकों ने नाव चालक को धमकाकर नाव पर कब्जा किया, जिसके चलते जबरन वसूली की धारा भी लगाई गई है। वहीं बचाव पक्ष का कहना है कि यह पूरा मामला आपसी दुश्मनी का नतीजा है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और जांच जारी है।