बनारस न्यूज डेस्क: हनुमंत नगर कॉलोनी के निवासी पिछले 10 सालों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और जल निगम के अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला। बीते समय में जब कॉलोनी के पास पानी की टंकी बनी थी, तो लोगों को उम्मीद थी कि जल निगम जल्द ही पाइप लाइन बिछाकर पानी की समस्या का समाधान करेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। कॉलोनी के निवासी अब भी पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं, और पास की टंकी से पानी की सप्लाई भी पूरी तरह से नहीं हो पा रही है।
पानी की इस समस्या के अलावा, कॉलोनी के लोग सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से भी परेशान हैं। कॉलोनी की गलियां ऊबड़-खाबड़ हैं और नगर निगम की टीम ने अब तक इनकी मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। वहीं, कुछ जगहों पर स्ट्रीट लाइट नहीं हैं, और जहां पोल लगे हैं, वहां लाइट नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर निगम को कॉलोनी की सफाई और अन्य सेवाओं के लिए एक नियमित व्यवस्था बनानी चाहिए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
इसी तरह, कॉलोनी में पिछले साल यूपीसिडको द्वारा इंटरलॉकिंग टाइल्स का काम शुरू किया गया था, लेकिन यह काम अधूरा छोड़ दिया गया। पिछले छह महीनों से इस काम की कोई प्रगति नहीं हुई है, जिससे रास्ता चलने योग्य नहीं रह गया है। इस लापरवाही पर स्थानीय लोग पूछते हैं कि इस काम की जिम्मेदारी किसकी है और किससे शिकायत की जाए। इसके अलावा, कॉलोनी में सीवर ओवरफ्लो की समस्या भी बनी हुई है, जो खासतौर पर बरसात के मौसम में बढ़ जाती है। जलकल विभाग की लापरवाही के कारण यह समस्या लगातार बनी रहती है।
कोलनी के लोग इस गर्मी में पानी की कमी से राहत पाने के लिए नगर निगम से आग्रह कर रहे हैं कि वह हैंडपंप रीबोर कराए, ताकि लोगों को वैकल्पिक पानी की व्यवस्था मिल सके। हालांकि, पाइप लाइन बिछाने में लंबा समय लग सकता है, लेकिन इस बीच हैंडपंप से राहत मिल सकती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों में इच्छाशक्ति की कमी है, और उन्हें जनता की समस्याओं का समाधान गंभीरता से करना चाहिए।