बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में लगातार हो रही बारिश और बढ़ते गंगा के जलस्तर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मंगलवार को पूरे दिन बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। रात करीब 2 बजे से बारिश लगातार जारी है और सुबह तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, अगले 48 घंटे तक बादल छाए रहने के साथ बारिश होती रहेगी। वहीं, सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 70.27 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु के ऊपर है।
इस बार अगस्त में वाराणसी में 35 साल बाद सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। अगस्त में सामान्य बारिश 245.1 मिलीमीटर होती है, जबकि इस साल 448 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 82 फीसदी ज्यादा है। इससे पहले अगस्त 1991 में 570.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई थी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के उत्तर में बनी मानसून द्रोणिका के कारण इस बार बारिश ज्यादा हुई है।
गंगा और वरुणा का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वरुणा किनारे बसे 12 मोहल्ले प्रभावित हैं और 150 से ज्यादा परिवार राहत शिविरों में पहुंच चुके हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में दिन में तीन बार भोजन के साथ बच्चों और बुजुर्गों के लिए दूध और केले की व्यवस्था की गई है। वहीं, नगवां से अस्सी घाट और जगन्नाथ मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर भी बाढ़ का पानी पहुंचने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
बढ़ते जलस्तर का असर अंतिम संस्कार पर भी पड़ा है। मणिकर्णिका घाट की गली में पानी भरने के कारण नाव चल रही है और लोगों को घाट तक पहुंचने के लिए कमर तक पानी से गुजरना पड़ रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर भी जलस्तर में बदलाव के कारण शवदाह की जगह लगातार बदली जा रही है। वाराणसी में 1 जून से 31 अगस्त तक सामान्य 615 मिलीमीटर के मुकाबले 633.3 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।