पेंटागन का दावा: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हवाई हमले से ढहा ईरानी नौसेना का मुख्य सर्विलांस टावर, वीडियो फुटेज जारी
वाशिंगटन / तेहरान: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने ओमान की खाड़ी के पास एक बड़े सैन्य ऑपरेशन को अंजाम देने का दावा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह के 'शाहिद कलंतरी पोर्ट' सर्विलांस टावर को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इस भीषण हवाई हमले की पुष्टि करते हुए अमेरिका ने एक डीक्लासिफाइड वीडियो फुटेज भी सोशल मीडिया पर जारी किया है, जिसमें बहुमंजिला निगरानी टावर ताश के पत्तों की तरह ढहता हुआ नजर आ रहा है। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान की पकड़ को सैन्य रूप से कमजोर करने के अमेरिकी अभियान का हिस्सा है।
पेंटागन के मुताबिक, यह निगरानी केंद्र दशकों से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के व्यापक तटीय नेटवर्क का एक मुख्य हिस्सा था। इसका इस्तेमाल वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक और अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों की जासूसी करने और उन पर घात लगाकर हमले करने के लिए किया जा रहा था। सेंटकॉम के अधिकारियों का दावा है कि इस केंद्र के तबाह होने से निर्दोष नागरिक चालक दल (क्रू मेंबर्स) पर होने वाले हमलों की ईरानी क्षमता में भारी गिरावट आएगी। साथ ही, अमेरिकी नौसेना की वर्तमान नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले संदिग्ध जहाजों को छोड़कर, इस पूरे अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही (नेविगेशन की स्वतंत्रता) अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
दूसरी तरफ, ईरानी सरकारी मीडिया ने भी चाबहार में इस मैरीटाइम कंट्रोल टावर के नष्ट होने की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने वाशिंगटन पर नागरिक बुनियादी ढांचे (सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर) को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। तेहरान का कहना है कि मुख्य पोर्ट की गोदी और कार्गो हैंडलिंग प्रणालियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस ताजा हमले के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है और शिपिंग कंपनियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं और अधिक गहरा गई हैं।