देश की प्रमुख धातु उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में शानदार परिचालन प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी के कुल उत्पादन में उच्च मूल्य वाले उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़कर 67 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 53 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस प्रकार अब वेदांता द्वारा निर्मित हर तीन टन एल्युमीनियम में से दो टन उत्पाद सीधे उच्च गुणवत्ता वाले मूल्यवर्धित खंड से आ रहे हैं।
दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने 6,49,000 टन एल्युमीनियम का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया, जिसमें से लगभग 4,32,000 टन उत्पादन सीधे वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स के रूप में संयंत्रों से निकला। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में भी वेदांता का कुल उत्पादन 12.81 लाख टन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहा। ऑटोमोटिव, इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिकल क्षेत्रों से बढ़ती घरेलू व अंतरराष्ट्रीय मांग को देखते हुए कंपनी ने भविष्य में अपने बिक्री पोर्टफोलियो में मूल्यवर्धित उत्पादों का योगदान 90 प्रतिशत तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
मजबूत परिचालन क्षमता और उत्पादन विस्तार के बल पर वेदांता एल्युमीनियम ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 6,597 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था और शेयरधारकों के लिए 8 रुपये प्रति शेयर का लाभांश घोषित किया था। कंपनी की नई बाल्को स्मेल्टर क्षमता और सिजीमाली बॉक्साइट खदान के परिचालन से आने वाले समय में कच्चे माल की सुरक्षा और मार्जिन में और अधिक मजबूती आने की उम्मीद जताई जा रही है।