बॉलीवुड के एक्शन स्टार और मार्शल आर्टिस्ट विद्युत जामवाल अपने असाधारण फिटनेस और अनोखे अभ्यासों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे बिना पलक झपकाए और सांस को नियंत्रित करते हुए लगभग 16 मिनट तक स्थिर ध्यान (Meditation) मुद्रा में बैठे दिखाई दिए। इस दौरान उनकी आंखों से लगातार आंसू बहते रहे, जिसे देखकर फैंस हैरान रह गए। हालांकि, इस तरह के कठिन अभ्यास को लेकर स्वास्थ्य और योग विशेषज्ञों ने आम लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
क्या है यह अभ्यास?
योग परंपरा में किसी वस्तु, बिंदु या ज्योति पर बिना पलक झपकाए लगातार देखने के अभ्यास को 'त्राटक' (Trataka) कहा जाता है। इसका उद्देश्य एकाग्रता बढ़ाना, मानसिक चंचलता को शांत करना और आंतरिक फोकस को मजबूत करना होता है। विद्युत जामवाल ने इस ध्यान के दौरान अपनी सांस और दृष्टि दोनों पर अत्यधिक नियंत्रण का प्रदर्शन किया, जिससे गहरी भावनात्मक और शारीरिक प्रक्रिया के चलते उनकी आंखों से आंसू बहने लगे।
बिना पलक झपकाए बैठने पर क्यों आते हैं आंसू?
आंखों के विशेषज्ञों के अनुसार, पलक झपकाना केवल एक स्वाभाविक आदत नहीं, बल्कि आंखों की सुरक्षा और नमी बनाए रखने के लिए अनिवार्य शारीरिक क्रिया है:
- कॉर्निया में सूखापन: पलक झपकाने से आंसुओं की एक पतली परत (Tear Film) कॉर्निया पर फैलती है, जो उसे सूखने से बचाती है।
- रिफ्लेक्स टीयर्स (Reflex Tears): जब लंबे समय तक पलकें नहीं झपकाई जातीं, तो आंख की सतह सूखने लगती है और जलन होती है। मस्तिष्क इस जलन से बचाव के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया के रूप में भारी मात्रा में आंसू स्रावित करने लगता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: क्या यह सुरक्षित है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विद्युत जामवाल वर्षों के कठोर कलारिपयट्टू, मार्शल आर्ट्स और योगिक प्रशिक्षण के अभ्यस्त हैं, लेकिन आम लोगों के लिए बिना मार्गदर्शन ऐसा करना नुकसानदेह साबित हो सकता है:
- आंखों पर खिंचाव और संक्रमण: लंबे समय तक आंखें खुली रखने से कॉर्निया में घर्षण, धुंधलापन और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
- सांस रोकने के खतरे: अत्यधिक समय तक सांस रोकने या असामान्य श्वसन नियंत्रण से मस्तिष्क में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है, जिससे चक्कर आना या बेहोशी की स्थिति बन सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ध्यान या त्राटक की शुरुआत कुछ सेकंड या 1-2 मिनट से ही करनी चाहिए और आंखों पर जोर पड़ने पर तुरंत पलक झपका लेनी चाहिए। किसी भी अतिवादी अभ्यास को बिना प्रशिक्षित गुरु के दोहराने से बचना चाहिए।