मेघना गुलजार का मानना है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक ऐसी ताकत है जिसका दर्शकों पर गहरा असर पड़ सकता है। मुंबई में अपनी आगामी फिल्म ‘दायरा’ के म्यूजिक लॉन्च के दौरान फिल्ममेकर ने कहा कि बड़े पर्दे पर दिखाई जाने वाली चीजों की पहुंच और प्रभाव मोबाइल फोन या सोशल मीडिया पर देखी जाने वाली सामग्री से काफी अलग होता है। इस मौके पर करीना कपूर खान, पृथ्वीराज सुकुमारन और मेघना के पिता गुलजार भी मौजूद थे।
जब मेघना से पूछा गया कि सोशल मीडिया पर लोग लगभग हर तरह की सामग्री आसानी से देख सकते हैं, तो फिर फिल्मों पर पाबंदियां क्यों होती हैं, उन्होंने माना कि कभी-कभी ये सीमाएं उन्हें भी महसूस होती हैं। हालांकि, वह इन नियमों के पीछे की वजह को समझती हैं। उनके मुताबिक, थिएटर की बड़ी स्क्रीन और सामूहिक रूप से फिल्म देखने का अनुभव किसी दृश्य या कहानी के असर को कई गुना बढ़ा देता है।
मेघना ने यह भी कहा कि पाबंदियों को सिर्फ रुकावट मानना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, संवेदनशील विषयों पर काम करते समय ये सीमाएं फिल्ममेकर्स को अपनी जिम्मेदारी याद दिलाती हैं। यानी मकसद सिर्फ दर्शकों को चौंकाना नहीं, बल्कि किसी मुश्किल विषय को समझदारी और संवेदनशीलता के साथ पेश करना भी होना चाहिए। खासकर जब कहानी असल घटनाओं से प्रेरित हो, तब पर्दे पर दिखाई जाने वाली हर चीज का महत्व और बढ़ जाता है।
इसी वजह से ‘दायरा’ मेघना के लिए एक चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट नजर आती है। सच्ची घटना पर आधारित यह क्राइम थ्रिलर एक गंभीर कहानी को बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है। फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं। मेघना गुलजार ने फिल्म का लेखन और निर्देशन किया है, जबकि विनीत जैन और धवल जैन इसके निर्माता हैं। जंगली पिक्चर्स और पेन स्टूडियोज के बैनर तले बनी ‘दायरा’ 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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मेघना गुलजार ने बताया क्यों सिनेमा की ताकत मोबाइल और सोशल मीडिया से अलग है
मेघना गुलजार का मानना है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक ऐसी ताकत है जिसका दर्शकों पर गहरा असर पड़ सकता है। मुंबई में अपनी आगामी फिल्म ‘दायरा’ के म्यूजिक लॉन्च के दौरान फिल्ममेकर ने कहा कि बड़े पर्दे पर दिखाई जाने वाली चीजों की पहुंच और प्रभाव मोबाइल फोन या सोशल मीडिया पर देखी जाने वाली सामग्री से काफी अलग होता है। इस मौके पर करीना कपूर खान, पृथ्वीराज सुकुमारन और मेघना के पिता गुलजार भी मौजूद थे।
जब मेघना से पूछा गया कि सोशल मीडिया पर लोग लगभग हर तरह की सामग्री आसानी से देख सकते हैं, तो फिर फिल्मों पर पाबंदियां क्यों होती हैं, उन्होंने माना कि कभी-कभी ये सीमाएं उन्हें भी महसूस होती हैं। हालांकि, वह इन नियमों के पीछे की वजह को समझती हैं। उनके मुताबिक, थिएटर की बड़ी स्क्रीन और सामूहिक रूप से फिल्म देखने का अनुभव किसी दृश्य या कहानी के असर को कई गुना बढ़ा देता है।
मेघना ने यह भी कहा कि पाबंदियों को सिर्फ रुकावट मानना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, संवेदनशील विषयों पर काम करते समय ये सीमाएं फिल्ममेकर्स को अपनी जिम्मेदारी याद दिलाती हैं। यानी मकसद सिर्फ दर्शकों को चौंकाना नहीं, बल्कि किसी मुश्किल विषय को समझदारी और संवेदनशीलता के साथ पेश करना भी होना चाहिए। खासकर जब कहानी असल घटनाओं से प्रेरित हो, तब पर्दे पर दिखाई जाने वाली हर चीज का महत्व और बढ़ जाता है।
इसी वजह से ‘दायरा’ मेघना के लिए एक चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट नजर आती है। सच्ची घटना पर आधारित यह क्राइम थ्रिलर एक गंभीर कहानी को बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है। फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं। मेघना गुलजार ने फिल्म का लेखन और निर्देशन किया है, जबकि विनीत जैन और धवल जैन इसके निर्माता हैं। जंगली पिक्चर्स और पेन स्टूडियोज के बैनर तले बनी ‘दायरा’ 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।