सोनीपत। हरियाणा के गोहाना विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत प्रारूप मतदाता सूची 31 जुलाई को प्रकाशित की जाएगी। निर्वाचन विभाग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे तथा यदि कोई त्रुटि या नया नाम जोड़ना हो तो निर्धारित अवधि के दौरान दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त एवं निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी अजय चोपड़ा की अध्यक्षता में सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO), पर्यवेक्षकों और बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में अधिकारियों को मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया, नोटिस वितरण, दावों और आपत्तियों की सुनवाई, रिकॉर्ड संधारण तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करने की जानकारी दी गई। अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, मतदाता सत्यापन अभियान के तहत अब तक लगभग 1.97 लाख गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं और अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और किसी भी योग्य मतदाता का नाम छूटने न पाए। इसके लिए बूथ स्तर पर लगातार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद नागरिकों को अपने विवरण की जांच करने और आवश्यक संशोधन कराने का अवसर मिलेगा। यदि किसी मतदाता का नाम छूट गया है, गलत दर्ज हुआ है या किसी अन्य प्रकार की त्रुटि है, तो वह निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकेगा। प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला सही एवं अद्यतन मतदाता सूची होती है। इसलिए इस बार पुनरीक्षण अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती, नियमित निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट करने पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे प्रारूप सूची जारी होने के बाद अपने विवरण की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में मतदान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।