बनारस न्यूज डेस्क: रेल मंत्रालय देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को विस्तार देने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित योजनाओं में दिल्ली से वाराणसी की दूरी सिर्फ 3 घंटे 50 मिनट में तय करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं मुंबई से पुणे का सफर करीब 48 मिनट में पूरा करने की योजना है। ये समय फिलहाल चल रही ट्रेन सेवाओं के नहीं, बल्कि रेलवे के भविष्य के हाई-स्पीड कॉरिडोर की प्रस्तावित योजना का हिस्सा हैं।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, दिल्ली-वाराणसी के अलावा वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर भी प्रस्तावित है। इसके बनने के बाद वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर करीब 2 घंटे 55 मिनट में पूरा हो सकता है। इन कॉरिडोर के जरिए उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ पर्यटन और कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम भारत में मुंबई-पुणे हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए 48 मिनट का यात्रा समय प्रस्तावित है। इसके अलावा पुणे-हैदराबाद के बीच हाई-स्पीड लिंक की योजना है, जिसमें दोनों शहरों के बीच सफर करीब 1 घंटे 55 मिनट का हो सकता है। दक्षिण भारत में चेन्नई-बेंगलुरु-हैदराबाद को जोड़ने वाला हाई-स्पीड नेटवर्क भी प्रस्तावित है। इसमें चेन्नई से बेंगलुरु करीब 1 घंटे 13 मिनट और बेंगलुरु से हैदराबाद करीब 2 घंटे में पहुंचने का लक्ष्य है।
हाई-स्पीड रेल के अलावा बजट 2026-27 में रेलवे के विस्तार से जुड़ी कई योजनाएं भी शामिल हैं। पूर्वोत्तर में 40 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड रेल कॉरिडोर, चार लाइन वाले नए रूट, उत्तराखंड की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजनाएं शामिल हैं। माल ढुलाई को मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव भी है। हालांकि, प्रस्तावित यात्रा समय लंबी अवधि की योजना का हिस्सा हैं और ये सेवाएं अभी शुरू नहीं हुई हैं।