जम्मू-कश्मीर में मानसून के उग्र रूप और मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के चलते प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी यात्रा और पवित्र अमरनाथ यात्रा दोनों को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रियासी प्रशासन और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों पर यात्रियों के आगे बढ़ने पर रोक लगा दी है। वहीं दूसरी ओर, अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले दोनों प्रमुख रास्तों—पहलगाम (नुनवान/चंदनवाड़ी) और बालटाल—से भी श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
मौसम विभाग ने 19 जुलाई से 23 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर के कई पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं, बादलों के गरजने और मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान भूस्खलन (landslides) और अचानक बाढ़ (flash floods) आने का भारी खतरा बना हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने बताया कि बेस कैंपों से किसी भी यात्री को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से भी किसी जत्थे को रवाना नहीं किया गया है। यात्रियों को सुरक्षा कारणों से उधमपुर, रामबन और जम्मू के विश्राम स्थलों पर ठहरने की सलाह दी गई है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक 3.76 लाख से अधिक श्रद्धालु अमरनाथ की पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि मौसम सामान्य होने, मार्गों की सुरक्षा जांच पूरी होने और ट्रैक साफ होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा। श्रद्धालुओं से आधिकारिक बुलेटिन और हेल्पलाइन नंबरों पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।