झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बड़ी संख्या में छात्र रांची के कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी रही है। छात्रों ने मांग की है कि कथित अनियमितताओं की जांच राज्य की CID के बजाय CBI से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
राजनीतिक दलों का मिला समर्थन
छात्र आंदोलन को कई राजनीतिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा, आजसू पार्टी की युवा इकाई और जेएलकेएम पार्टी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई है।
30 जुलाई को आजसू छात्र इकाई की ओर से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से लोक भवन तक मार्च निकाला गया। इस दौरान छात्रों और समर्थकों ने JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित धांधली के आरोप लगाए हैं और परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट
छात्रों के बढ़ते आंदोलन को देखते हुए झारखंड पुलिस और खुफिया विभाग सतर्क हो गए हैं। राज्य की स्पेशल ब्रांच आंदोलन की गतिविधियों पर नजर रख रही है। प्रशासन की कोशिश है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने की अपील की जा रही है। वहीं, छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
छात्रों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच
- जांच की जिम्मेदारी CID के बजाय CBI को सौंपना
- 14वीं JPSC PT परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित करना
- परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना
- दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई करना
फिलहाल रांची में छात्रों का सत्याग्रह जारी है और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।