देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने सालाना आधार पर अपने कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में 23 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। इस तिमाही में एलआईसी का मुनाफा बढ़कर 23,467 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 19,039 करोड़ रुपये था।
मजबूत वित्तीय नतीजों के साथ ही एलआईसी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपने शेयरधारकों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 10 रुपये के फाइनल डिविडेंड (लाभांश) की सिफारिश की है।
प्रीमियम आय और निवेश में शानदार बढ़त समीक्षाधीन तिमाही के दौरान एलआईसी की नेट प्रीमियम इनकम 12% की वृद्धि के साथ 1.65 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 1.48 लाख करोड़ रुपये थी। कंपनी के रिन्यूअल और सिंगल प्रीमियम सेगमेंट में आए उछाल से इस आय को सहारा मिला। पहले साल की प्रीमियम आय भी 17% बढ़कर 13,009 करोड़ रुपये रही। वहीं, एलआईसी की निवेश से होने वाली आय करीब 17% की तेजी के साथ 1.09 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 93,443 करोड़ रुपये थी।
सॉल्वेंसी रेशियो में सुधार LIC का कुल सरप्लस बढ़कर 89,058 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, इस दौरान प्रबंधन और कर्मचारियों के वेतन पर होने वाले खर्चों में भी वृद्धि देखी गई। राहत की बात यह है कि 31 मार्च, 2026 तक कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो सुधरकर 2.35 हो गया है, जो पिछले साल 2.11 था और यह नियामक (Regulatory) आवश्यकताओं से काफी ऊपर है।