बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने कछुआ तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए 24 जीवित इंडियन सॉफ्टशेल कछुए बरामद किए हैं। वन विभाग के मुताबिक, इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये है। आरोपी कछुओं को ट्रेन से पश्चिम बंगाल ले जा रहा था। पुलिस टीम को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उसे पकड़ लिया। बरामद कछुओं और आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग के हवाले कर दिया गया है।
कुंभा एक्सप्रेस के जनरल कोच में हुई तलाशी
जीआरपी इंस्पेक्टर राजोल नागर के मुताबिक, कैंट रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 13038 कुंभा एक्सप्रेस के जनरल कोच में कछुओं की तस्करी की जा रही है। इसके बाद जीआरपी की संयुक्त टीम प्लेटफॉर्म नंबर 9 पर पहुंची। ट्रेन के रुकते ही कोच में तलाशी शुरू की गई। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा, लेकिन जवानों ने उसे पकड़ लिया।
बैग और बोरी से मिले 24 जीवित कछुए
पूछताछ में आरोपी की पहचान अमेठी जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के गांधीनगर निवासी करीब 20 वर्षीय मोनू कंजर के रूप में हुई। उसके दो पिट्ठू बैग, एक जूट की बोरी और एक झोले की तलाशी लेने पर 24 जीवित कछुए मिले। इनमें छह बड़े और 18 छोटे आकार के कछुए शामिल हैं।
जीआरपी के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह जगदीशपुर, सुल्तानपुर और अमेठी के गांवों के तालाबों से कछुए पकड़कर बिक्री के लिए पश्चिम बंगाल ले जा रहा था। हालांकि, इस मामले में आगे की जांच वन विभाग करेगा।
वन विभाग करेगा आगे की जांच
जीआरपी ने बरामदगी की सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद सभी 24 कछुओं और आरोपी को विभाग की टीम के सुपुर्द कर दिया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर राजोल नागर के मुताबिक, ये कछुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई वन विभाग की ओर से की जाएगी। इस घटना ने वन्यजीवों को अवैध रूप से पकड़कर दूसरे राज्यों में ले जाने के मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।