बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी कमिश्नरेट के काशी जोन का भेलूपुर सर्किल एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में गुजरात के एक कारोबारी से 80 लाख रुपये की डकैती की घटना ने तीन साल पहले हुए बड़े लूटकांड की यादें ताजा कर दी हैं। उस समय भेलूपुर थाना क्षेत्र की आदि शंकराचार्य कॉलोनी में गुजरात के कर्मचारी से करीब 1.40 करोड़ रुपये लूट लिए गए थे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था।
इस मामले में गुजरात के पाटन जिले के चानरुमा के मकवाना निवासी विक्रम सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 29 मई को तिलमापुर निवासी अजीत मिश्रा उर्फ गुरुजी अपने 10-12 साथियों के साथ ऑफिस पहुंचे और मारपीट करते हुए कलेक्शन के 1 करोड़ 40 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने जांच के दौरान शंकुलधारा क्षेत्र से एक लावारिस कार बरामद की, जिसमें से करीब 92 लाख रुपये मिले थे। इसके बाद मुख्य आरोपी समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
हालांकि इस पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे। जांच में लापरवाही और लीपापोती के आरोप में तत्कालीन भेलूपुर इंस्पेक्टर सहित सात पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया था। इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे और मामला काफी चर्चाओं में रहा था।
इसके अलावा सारनाथ क्षेत्र में भी 41 लाख रुपये की लूट का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के आरोप लगे थे। इस घटना में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत कुछ अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से कमिश्नरेट पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता भी बढ़ी है।