बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के लंका थाने में क्रूज निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। केरल की एक कंपनी पर अलकनंदा क्रूजलाइन लिमिटेड के मालिक के साथ चार करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी करने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के निदेशकों सहित नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
घटना का विवरण देते हुए अलकनंदा क्रूजलाइन लिमिटेड के मालिक विवेक मालवीय ने बताया कि उन्होंने केरल के कोच्ची स्थित 'नवाल्ट सोलर ऐंड इलेक्ट्रिक बोट्स प्रा.लि.' को तीन क्रूज तैयार करने का ऑर्डर दिया था। यह अनुबंध 1 अगस्त 2022 को किया गया था, जिसकी कुल लागत 5.06 करोड़ रुपये तय हुई थी। ऑर्डर की पुष्टि के लिए उसी दौरान 1.52 करोड़ रुपये एडवांस के रूप में दिए गए थे।
अनुबंध के अनुसार, कंपनी को दो क्रूज 2 मार्च 2023 तक सौंपने थे, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी एक भी क्रूज तैयार नहीं किया गया। आरोप है कि क्रूज निर्माण के नाम पर कंपनी समय-समय पर अन्य खर्चों के बहाने पैसे लेती रही। यहाँ तक कि अयोध्या में अस्थायी शिपयार्ड बनाने के नाम पर भी 20 लाख रुपये अतिरिक्त लिए गए। दिसंबर 2023 तक पीड़ित पक्ष की ओर से कुल 4,03,72,090 रुपये का भुगतान किया जा चुका था, पर काम में कोई प्रगति नहीं हुई।
लंका पुलिस ने इस मामले में कंपनी के निदेशक संदिथ थनदाशेरी और रमिथा मधु सहित संतोष कुमार, अजय कुमार, श्याम, जोम मैथ्यू, कार्तिक, एलबी जय और जीतू हरिदास के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अब भुगतान के लेन-देन और अनुबंध की शर्तों की जांच कर रही है ताकि धोखाधड़ी के इस मामले की तह तक पहुँचा जा सके। वाराणसी के गंगा घाटों पर पर्यटन गतिविधियों से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले ने प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी है।