बनारस न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी (काशी) में पिछले 10 दिनों से जारी भीषण लू और चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों को शुक्रवार तड़के अचानक बदले मौसम ने बड़ी राहत दी है। शहर में तड़के तेज आंधी-तूफान के साथ हुई झमाझम बारिश ने पूरे वातावरण को सुहाना बना दिया। इस खुशनुमा मौसम का आनंद लेने के लिए सुबह-सुबह लोग शहर की सड़कों और प्रमुख घाटों पर ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी के बीच टहलते नजर आए।
तापमान में भारी गिरावट और मौसम का मिजाज:
पारे में आई भारी कमी: करीब एक सप्ताह पहले वाराणसी का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका था, लेकिन वर्तमान मौसमी बदलावों के कारण इसमें करीब 7 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बीते दिन शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.7 डिग्री कम यानी 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बिजली और जलभराव की समस्या: आंधी-पानी से जहाँ गर्मी से निजात मिली, वहीं कई इलाकों में तेज हवाओं के चलते बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। इसके अलावा, बीएचयू (BHU) ट्रॉमा सेंटर के बाहर मुख्य सड़क पर जलभराव होने से मरीजों और तीमारदारों को आवागमन में थोड़ी असुविधा का सामना भी करना पड़ा।
किसानों के चेहरे खिले:
कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, प्री-मानसून की यह बारिश क्षेत्र के किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। इस समय हो रही वर्षा से खेतों की मिट्टी में नमी आएगी, जिससे आगामी खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों में जुटे किसानों को काफी मदद मिलेगी।
दो दिनों का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी:
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मध्य भागों के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है। साथ ही, उत्तर-पश्चिम यूपी से लेकर आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन (द्रोणी रेखा) बनी हुई है, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। मौसम विभाग ने वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए 29 और 30 मई को आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।