IPL इतिहास की सबसे सफल और ताकतवर मानी जाने वाली टीम मुंबई इंडियंस (MI) के लिए साल 2026 किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। टूर्नामेंट के बीच में ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने वाली पहली टीमों में शामिल होकर मुंबई ने अपने प्रशंसकों को बड़ा झटका दिया है। लेकिन यह हार सिर्फ एक सीजन की नाकामी नहीं, बल्कि एक सुनहरे दौर के ढलने का संकेत है।
टूटा 14 साल पुराना रिकॉर्ड: ट्रॉफी का 'महा-सूखा'
मुंबई इंडियंस ने साल 2012 में अपनी पहली ट्रॉफी जीतकर 5 साल के इंतजार को खत्म किया था। लेकिन अब वह रिकॉर्ड भी पीछे छूट गया है:
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6 सीजन से ट्रॉफी का इंतजार: मुंबई ने आखिरी बार साल 2020 में खिताब जीता था। उसके बाद 2021, 2022, 2023, 2024, 2025 और अब 2026—यानी लगातार 6 सीजन बिना किसी ट्रॉफी के गुजर चुके हैं।
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यह मुंबई इंडियंस के इतिहास का अब तक का सबसे लंबा 'ट्रॉफी लेस' (Trophy-less) दौर है।
CSK और RCB के सामने 'सरेंडर'
इस सीजन की सबसे शर्मनाक बात यह रही कि मुंबई इंडियंस अपने दो सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी—चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB)—के खिलाफ एक भी मैच नहीं जीत सकी।
IPL के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब मुंबई इन दोनों टीमों के खिलाफ पूरे सीजन में 'व्हाइटवॉश' (सभी मैच हारना) हुई हो।
क्या रही नाकामी की वजह?
विशेषज्ञों के अनुसार, टीम में बड़े बदलाव, कप्तानी को लेकर उठापटक और गेंदबाजी आक्रमण की विफलता ने मुंबई की नैया डुबो दी। जो टीम कभी अपनी 'डेथ ओवर' गेंदबाजी और निडर बल्लेबाजी के लिए जानी जाती थी, वह इस बार दबाव के क्षणों में बिखरती नजर आई।