पाकिस्तान के आंतरिक मामलों (गृह) के मंत्री मोहसिन नकवी ने देश के मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचे पर बेहद गंभीर सवाल उठाते हुए यह स्वीकार किया है कि 70 वर्षों से चली आ रही शासन प्रणाली पूरी तरह विफल हो चुकी है। इस्लामाबाद में आयोजित 'पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट 2026' को संबोधित करते हुए नकवी ने चेतावनी दी कि यदि सभी राजनीतिक दलों ने मतभेद भुलाकर विकेंद्रीकरण और नए प्रशासनिक निकायों (प्रांतों) का गठन नहीं किया, तो देश को बेकाबू राजनीतिक अस्थिरता और जन-आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
गृह मंत्री ने कहा कि देश का मौजूदा सिस्टम आम नागरिक को न तो बुनियादी सुविधाएं मुहैया करा पा रहा है और न ही समय पर त्वरित न्याय। उन्होंने सत्ताधीशों और आर्थिक नीति-निर्माताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि केवल बजट घाटे पर चर्चा करने या आर्थिक सेमिनार आयोजित करने से स्थितियां नहीं बदलेंगी। नकवी ने विशेष रूप से पाकिस्तान की युवा आबादी में पनप रहे तीव्र असंतोष का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की विशाल युवा पीढ़ी वजीफे या छोटी-मोटी योजनाओं से संतुष्ट होने वाली नहीं है; उन्हें पारदर्शी शासन और मेरिट के आधार पर स्थायी रोजगार के अवसर चाहिए।
मोहसिन नकवी ने आगाह किया कि यदि युवाओं को निष्पक्ष व्यवस्था और विकास में भागीदारी नहीं मिली, तो दक्षिण एशिया के अन्य देशों की भांति यह युवा आक्रोश व्यवस्था को उखाड़ फेंकने वाले बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि चुनावों पर पानी की तरह पैसा बहाने के बावजूद आर्थिक स्थिरता न आना शासन प्रणाली की सबसे बड़ी नाकामी है। नकवी ने अपील की कि सभी राजनीतिक दल एक मेज पर बैठकर नए प्रशासनिक मॉडल पर आम सहमति बनाएं।