ताजा खबर

हरियाणा के खरखौदा में 'सुजुकी स्मार्ट फैक्ट्री' का कड़ा आगाज: पीएम मोदी और जापानी समकक्ष सानाए ताकाइची ने किया ऐतिहासिक उद्घाटन, शत-प्रतिशत हरित ऊर्जा से चलेंगी मशीनें

Photo Source :

Posted On:Friday, July 3, 2026

नयी दिल्ली: भारत की औद्योगिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता को एक नया विखंडनकारी आयाम देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने गुरुवार को हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के एक अत्यंत आधुनिक विलेख संयंत्र का औपचारिक उद्घाटन किया है। भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के लॉजिस्टिक्स के तहत दोनों वैश्विक नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस विखंडनकारी 'सुजुकी स्मार्ट फैक्ट्री' का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी और मारुति सुजुकी इंडिया के सीईओ हिसाशी ताकेउची भी विशेष रूप से कड़ाई से उपस्थित रहे। यह अभूतपूर्व परियोजना भारत-जापान की कूटनीतिक साझेदारी और 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है।

लगभग 800 एकड़ के विशाल विधिक क्षेत्र में फैले इस एकीकृत सप्लायर पार्क और संयंत्र की शुरुआती उत्पादन क्षमता सालाना पांच लाख वाहनों की होगी, जिसे भविष्य के कूटनीतिक विस्तार के तहत बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रति वर्ष करने का कड़ा लक्ष्य रखा गया है। कुल 35,000 करोड़ रुपये के भारी निवेश वाली इस कड़क परियोजना से क्षेत्र के लगभग 21 हजार लोगों को रोजगार मिलने की विखंडनकारी संभावना है। इस संयंत्र की सबसे कड़क विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से 'इंडस्ट्री 5.0' तकनीक पर आधारित है, जहां उत्पादन की गुणवत्ता और परिचालन उत्कृष्टता को विधिक रूप से सुनिश्चित करने के लिए इंसानों के साथ मिलकर काम करने वाले 'ह्यूमन-अवेयर सहयोगी रोबोट' (Cobots) को कड़ाई से तैनात किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण के विलेख लॉजिस्टिक्स को ध्यान में रखते हुए इस पूरे कारखाने को शत-प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित करने की विखंडनकारी व्यवस्था की गई है। वर्तमान में यहाँ 20 मेगावाट पीक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित है, जिसे वर्ष 2030 तक कड़ाई से बढ़ाकर 70 मेगावाट पीक करने का विधिक रोडमैप है। इसके साथ ही, रोजाना 10 टन क्षमता वाला एक उन्नत बायोगैस संयंत्र और एक मेगावाट-आवर की अत्याधुनिक बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी स्थापित की जा रही है। पर्यावरण के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए कारखाने में शत-प्रतिशत जल पुनर्चक्रण (Water Recycling) और वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की गई है, जिससे पानी की दो-तिहाई आवश्यकता को पूरा किया जाएगा। माल ढुलाई के लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाने और कार्बन उत्सर्जन को कड़ाई से कम करने के लिए परिसर के भीतर एक विशेष रेलवे साइडिंग भी विधिक रूप से विकसित की जा रही है।


बनारस और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. banarasvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.