'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से भारतीय सिनेमा को नई पहचान दिलाने वाले निर्देशक एसएस राजामौली के नाम अब एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। फ्रांस के प्रतिष्ठित इंस्टिट्यूट ल्यूमियर ने उन्हें अपनी मशहूर 'वॉल ऑफ फिल्ममेकर्स' में जगह देकर सम्मानित किया है। दुनिया के दिग्गज फिल्मकारों के बीच अपना नाम देखकर राजामौली भी भावुक हो उठे।
इस खास पल को उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बताया कि म्यूजियम की यात्रा उनके लिए बेहद यादगार रही। उन्होंने उसी स्क्रीनिंग रूम का भी दौरा किया, जहां उनकी फिल्में 'ईगा' और 'आरआरआर' दर्शकों से खचाखच भरे हॉल में दिखाई गई थीं। राजामौली ने बताया कि इंस्टिट्यूट ल्यूमियर और कान्स फिल्म फेस्टिवल के डायरेक्टर थिएरी फ्रेमो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सिनेमा के इतिहास से जुड़ी खास जगहों की सैर कराई।
राजामौली ने बताया कि जब उनकी नजर उस दीवार पर गई, जहां मार्टिन स्कॉर्सेसी, क्लिंट ईस्टवुड, क्वेंटिन टारन्टिनो और फ्रांसिस फोर्ड कोपोला जैसे दिग्गज फिल्मकारों के नाम दर्ज हैं, तभी एक लाल कपड़े से ढकी प्लेट ने उनका ध्यान खींचा। जैसे ही उस प्लेट से पर्दा हटा और उस पर अपना नाम देखा, वह कुछ पल के लिए निशब्द हो गए। उन्होंने कहा कि इतने महान फिल्मकारों के साथ अपना नाम जुड़ना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
निर्देशक ने इस सम्मान के लिए इंस्टिट्यूट ल्यूमियर का दिल से आभार जताया और कहा कि यह अनुभव उनकी जिंदगी की सबसे खास यादों में हमेशा शामिल रहेगा। भारतीय सिनेमा के लिए भी यह गर्व का पल माना जा रहा है, क्योंकि राजामौली लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
वर्क फ्रंट की बात करें तो राजामौली ने हाल ही में अपनी अगली फिल्म 'वाराणसी' की पहली झलक भी शेयर की है। इस मेगा प्रोजेक्ट में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनस और पृथ्वीराज सुकुमारन अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है और इसकी रिलीज़ 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में होने वाली है।