जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी को लेकर लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों काइंतजार लंबा होता जा रहा है। दिवाली से पहले रेलवे और अन्य कर्मचारियों के लिए बोनस का ऐलान तो हो गया, लेकिन 27 अक्टूबर 2026 तकDA में बढ़ोतरी से जुड़ी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस देरी के बीच कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्याDA बढ़ाने के लिए हर बार केंद्रीय कैबिनेट की औपचारिक बैठक अनिवार्य होती है?
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, हर बार DA में संशोधन के लिए कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी का इंतजार करना जरूरी नहीं होता। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) सीधे तौर पर आधिकारिक नोटिफिकेशन या ऑफिस मेमो (OM) जारी करके भी इसकी घोषणा कर सकता है। 3% बढ़ोतरी का अनुमान और वेतन पर असरऔद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के 12 महीने के आंकड़ों (जुलाई 2025 सेजून 2026) के आधार पर DA में 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है।
अगर सरकार इसे मंजूरी देती है, तो वर्तमान 60% DA बढ़कर 63% हो जाएगा। इस 3% इजाफे के बाद बेसिक सैलरी के हिसाब से हर महीनेमिलने वाली राशि में बढ़ोतरी होगी: ₹18,000 न्यूनतम बेसिक सैलरी: ₹540 प्रति माह का इजाफा। ₹25,500 बेसिक सैलरी (Level 4): ₹765 प्रति माह का इजाफा। ₹35,400 बेसिक सैलरी (Level 6): ₹1,062 प्रति माह का इजाफा। ₹50,000 बेसिक सैलरी: ₹1,500 प्रति माह काइजाफा। ₹1,00,000 उच्च बेसिक सैलरी: ₹3,000 प्रति माह का इजाफा।इसके अलावा, जुलाई से लागू होने के कारण कर्मचारियों को बकायामहीनों का एरियर (Arrears) भी एकमुश्त प्रदान किया जाएगा।