बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को ऑनलाइन सोना और नोटों की गड्डियों का झांसा देकर रकम ऐंठता था। उसके दो साथी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
मामले की शुरुआत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत से हुई। भरतपुर स्थित एक साइबर कैफे संचालक ने पुलिस को बताया कि उसके बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन होने के बाद खाता फ्रीज कर दिया गया था। जांच में पता चला कि एक युवक ने क्यूआर कोड से भुगतान होने का दावा कर उससे नकद रुपये ले लिए थे।
मंगलवार शाम वही युवक दोबारा कैफे पहुंचा और ऑनलाइन भुगतान दिखाकर फिर नकदी लेने की कोशिश करने लगा। कैफे संचालक ने उसे पहचान लिया और शोर मचा दिया। आसपास के लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया, जबकि उसके साथ आए दो अन्य युवक मौके से भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी की पहचान जौनपुर निवासी आलोक सिंह के रूप में हुई। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों हेमंत सिंह और सतीश सिंह के साथ मिलकर लोगों को ऑनलाइन सोना और नोटों की गड्डियां दिखाकर ठगी करता था। पुलिस के अनुसार, इसी गिरोह ने 17 जुलाई को एक व्यक्ति से करीब 85 हजार रुपये की ठगी भी की थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फरार दोनों आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।