बनारस न्यूज डेस्क: पूर्वांचल में मानसून की देरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आमतौर पर 20 जून तक पहुंचने वाला मानसून इस बार अब तक पूर्वांचल में दस्तक नहीं दे पाया है। लगातार हो रही देरी के कारण गर्मी और उमस से लोगों का हाल बेहाल है। वहीं, बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रही है, क्योंकि खेतों में बुआई का काम प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून फिलहाल मध्य प्रदेश के सिंगरौली और बिहार-छत्तीसगढ़ की सीमा के आसपास सक्रिय है, लेकिन पूर्वांचल में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। पिछले एक सप्ताह से इसकी स्थिति लगभग जस की तस बनी हुई है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि प्री-मानसून की परिस्थितियां अनुकूल हैं और 28 जून के बाद मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है।
अनुमान है कि मानसून अगले सप्ताह की शुरुआत में पूर्वांचल में प्रवेश कर सकता है, जबकि जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरे क्षेत्र में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। तब तक लोगों को तेज धूप, उमस और लू जैसे हालात का सामना करना पड़ सकता है। दिन के साथ-साथ रातों में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वांचल में पुरवाई हवाएं चल रही हैं और कुछ जिलों में मौसम बदलने के संकेत भी मिल रहे हैं। इसके बावजूद मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून की गति प्रभावित हुई है, जिसकी वजह से पूर्वांचल समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है।