नई दिल्ली: भारतीय खेल प्रशासन और निशानेबाजी के इतिहास को एक नया विलेख गौरव देने के लिए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने एक बड़ा कूटनीतिक फैसला लिया है। एनआरएआई की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, जुलाई 2026 में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित 'इंडिया ओपन प्रतियोगिताओं' का नामकरण देश के दो सबसे प्रभावशाली खेल दिग्गजों—जसपाल राणा और राजा रणधीर सिंह—के सम्मान में किया जाएगा। इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत अब राइफल और पिस्टल इवेंट्स को 'जसपाल राणा मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता' के नाम से जाना जाएगा, जबकि शॉटगन इवेंट्स का नाम आधिकारिक रूप से 'राजा रणधीर सिंह मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता' रखा जाएगा। यह कड़ा कदम दोनों दिग्गजों की खेल के प्रति अदम्य निष्ठा और भावी पीढ़ियों के लिए उनकी प्रेरणादायी विरासत को विधिक रूप से सम्मानित करता है।
जसपाल राणा को भारतीय शूटिंग इतिहास का एक ऐसा अग्रणी विखंडन स्तंभ माना जाता है, जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में 9 स्वर्ण सहित कुल 15 पदक जीतकर देश में इस खेल के प्रति अभूतपूर्व जुनून पैदा किया। वहीं, राजा रणधीर सिंह ने खेल के मैदान के भीतर एक बेहतरीन शॉटगन शूटर के रूप में कई ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया और 1978 के बैंकॉक एशियाई खेलों में शूटिंग का पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। खेल के मैदान के बाहर भी उन्होंने दुनिया के सबसे सम्मानित स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में अमिट कूटनीतिक छाप छोड़ी है।
एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इन दोनों महान हस्तियों ने भारतीय निशानेबाजी को कड़े वैश्विक लॉजिस्टिक्स शिखर पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। जहां जसपाल ने एक बेहतरीन कोच और मेंटर के रूप में चैंपियन तैयार किए, वहीं राजा रणधीर सिंह ने खेल प्रशासन को नई कूटनीतिक दिशा दी। जुलाई 2026 में होने वाले ये राष्ट्रीय रैंकिंग और विकास इवेंट्स न केवल एथलीटों को एक बेहतरीन प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करेंगे, बल्कि इन दोनों महानायकों के प्रति खेल जगत की एक विधिक और जीवंत श्रद्धांजलि भी साबित होंगे।