भारती एयरटेल ने टेलीकॉम सेक्टर में एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाते हुए अपनी सहायक कंपनी Airtel Africa में हिस्सेदारी को और मजबूत कर लिया है। कंपनी ने एक शेयर-स्वैप (Share-Swap) डील के जरिए अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 28,200 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस डील के बाद Airtel Africa में भारती एयरटेल की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 79% हो गई है, जबकि इससे पहले कंपनी के पास लगभग 62.73% हिस्सेदारी मौजूद थी।
बिना कैश खर्च किए हुई बड़ी डील
इस ट्रांजैक्शन की सबसे खास बात यह है कि इसमें भारती एयरटेल ने कोई भी नकद भुगतान नहीं किया है। यह पूरी डील कैशलेस शेयर-स्वैप मॉडल पर आधारित रही है।
आमतौर पर जब कंपनियां किसी दूसरी कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाती हैं, तो इसके लिए भारी नकदी की जरूरत होती है, लेकिन इस मामले में एयरटेल ने अपनी रणनीतिक हिस्सेदारी का उपयोग करके यह सौदा पूरा किया। यानी कंपनी ने शेयरों के आदान-प्रदान के जरिए नियंत्रण बढ़ाया, जिससे वित्तीय दबाव भी नहीं पड़ा।
क्या होता है Share-Swap?
शेयर-स्वैप एक ऐसा कॉर्पोरेट फाइनेंस मॉडल है, जिसमें एक कंपनी दूसरी कंपनी के शेयर खरीदने के लिए नकदी के बजाय अपने खुद के शेयर देती है। इससे कंपनियों को बड़ी डील करने के लिए कैश जुटाने की जरूरत नहीं पड़ती और बैलेंस शीट पर भी दबाव कम रहता है।
एयरटेल की रणनीति क्या दर्शाती है?
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारती एयरटेल की अफ्रीका बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। अफ्रीका टेलीकॉम सेक्टर में तेजी से बढ़ता हुआ बाजार माना जाता है, जहां मोबाइल और डिजिटल सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
इस डील के जरिए कंपनी न सिर्फ अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को भी मजबूत कर रही है।